रेलवे अस्पताल टूण्डला को हेल्थ यूनिट में बदलने के प्रस्ताव का NCRMU ने किया विरोध

उप महाप्रबंधक अतुल कुमार मिश्रा को सौंपा ज्ञापन, 75 बेड की क्षमता बरकरार रखने की मांग

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विवेक शर्मा संवाददाता टूण्डला 

 

टूण्डला।

 

नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (NCRMU) टूण्डला शाखा ने रेलवे अस्पताल टूण्डला को हेल्थ यूनिट में परिवर्तित करने तथा अस्पताल की 75 बेड की क्षमता घटाकर 25 बेड किए जाने की प्रस्तावित योजना का कड़ा विरोध किया है। यूनियन पदाधिकारियों ने टूण्डला आगमन पर उप महाप्रबंधक अतुल कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने की मांग की।

यूनियन ने कहा कि रेलवे अस्पताल टूण्डला से लगभग 12 हजार कार्यरत एवं सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी तथा उनके आश्रित चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेते हैं। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 500 से 600 मरीज उपचार एवं दवा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल को हेल्थ यूनिट में परिवर्तित करना अथवा बेड की संख्या कम करना रेल कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के हितों के विपरीत होगा।

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NCRMU ने रखीं प्रमुख मांगें

यूनियन ने मांग की कि रेलवे अस्पताल टूण्डला को हेल्थ यूनिट में परिवर्तित न किया जाए और अस्पताल की वर्तमान 75 बेड की क्षमता को यथावत रखा जाए। इसके अलावा फार्मासिस्ट के कम से कम एक अतिरिक्त पद पर तत्काल नियुक्ति करने तथा लैब अधीक्षक एवं अन्य आवश्यक लैब स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने की मांग की गई।

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NCRMU ने कहा कि कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को कम करने के बजाय उनका विस्तार किया जाना चाहिए। साथ ही दवा वितरण एवं जांच सेवाओं में मरीजों को होने वाली लंबी प्रतीक्षा और अव्यवस्था को दूर करने की भी मांग की गई।

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यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना रेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। अस्पताल की क्षमता कम होने से मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर होना पड़ेगा, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

NCRMU ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे अस्पताल को समाप्त करने, हेल्थ यूनिट में परिवर्तित करने अथवा बेड की संख्या घटाने का निर्णय लिया गया तो यूनियन लोकतांत्रिक एवं संगठनात्मक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।

इस अवसर पर भारत सिंह यादव, केंद्रीय उपाध्यक्ष, शाखा मंत्री सरदार सिंह, ओमवीर सिंह, नाहर सिंह मीना, सतेंद्र यादव, जितेंद्र कन्नौजिया, सुशील कुमार, सत्य नारायण मीना, सतीश मीना, मोहित कुमार सहित कई यूनियन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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