लखनऊ की घटना के बाद कानपुर में कोचिंग संस्थानों को सील करने का क्रम जारी 

केडीए और पुलिस प्रशासन का कहना है कि ये कार्यवाही लगातार जारी रहेगी, हम छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। वैसे सीएम योगी ने भी यह निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कहीं भी कोई कोचिंग संस्थानों बेसमेंट में नहीं चलेगा।

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कानपुर। लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद कानपुर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी और कमिश्नरेट पुलिस, अग्निशमन विभाग ने एक के बाद एक कई कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया।

कानपुर शहर में काकादेव कोचिंग का हब है जहां अनेकों जिलों से छात्र कंपटीशन की तैयारी के लिए पढ़ने आते हैं। प्रशासन ने 22 कोचिंग संस्थानों को सील किया है। इसमें फिजिक्स वाला, वर्कस्पेस, महेंद्राज, केमिस्ट्री वाले संजीव राठौर जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। केडीए ने सोमवार 22 जून 2026 को 4 जोनों में एक साथ कार्रवाई की। जोन-1 में 3, जोन-2B में 5, जोन-3 में 3, जोन-4 में 5 संस्थान सील हुए। कार्रवाई का कारण बिना फायर NOC, अवैध बेसमेंट, नक्शे के विपरीत निर्माण, आपातकालीन निकास न होना बताया गया है।

इसी तरह कानपुर देहात में भी 8 कोचिंग संस्थान सीज किए गए हैं। इनमें से किसी के पास भी फायर NOC नहीं मिली, कई बेसमेंट में चल रहे थे जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। केडीए के मुताबिक ये सिर्फ पहला चरण है। कुल 22 संस्थान चिह्नित किए गए थे, अन्य की जांच जारी है।

एक रिपोर्ट में 16 प्रतिष्ठान सील करने की बात भी है, लेकिन 22 की संख्या ज्यादा जगह कन्फर्म है।

अभियान अभी जारी रहेगा। केडीए ने कहा है कि जो भी संस्थान भवन निर्माण, अग्नि सुरक्षा और अन्य मानकों का पालन नहीं करेगा, उसे सील किया जाएगा। 

22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत हुई थी। हादसे के बाद सीएम योगी ने सभी जिलों में कोचिंग संस्थानों की जांच के सख्त निर्देश दिए थे। कानपुर में छात्रों और अभिभावकों में चिंता है क्योंकि अचानक सीलिंग से क्लासें बंद हो गईं। प्रशासन का कहना है कि ये कदम छात्रों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

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