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प्रयागराज में रोडवेज अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने 8 हजार रुपये के साथ रंगे हाथ दबोचा।
ड्यूटी लगाने और सर्विस बुक में प्रविष्टि सही करने के नाम पर मांगी थी घूस, कैंट थाने में दर्ज होगा मुकदमा।
स्वतंत्र प्रभात रिपोर्ट सरस सिंह
भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रयागराज के जीरो रोड डिपो में तैनात सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) अरविंद कुमार मिश्र को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई से रोडवेज विभाग में हड़कंप मच गया और कार्यालय परिसर में कर्मचारियों की भीड़ जुट गई।
जानकारी के अनुसार जीरो रोड डिपो के एक परिचालक ने एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की थी कि सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद कुमार मिश्र उसकी ड्यूटी लगाने तथा सर्विस बुक में आवश्यक प्रविष्टि सही करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि अधिकारी द्वारा लगातार दबाव बनाकर 8 हजार रुपये देने को कहा जा रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर निरीक्षक रविंद्र सिंह के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की।
सोमवार दोपहर शिकायतकर्ता निर्धारित राशि लेकर जीरो रोड डिपो स्थित कार्यालय पहुंचा। जैसे ही सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके पर ही आरोपी अधिकारी से पूछताछ की और रिश्वत की राशि बरामद कर ली।
अचानक हुई कार्रवाई से डिपो कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और अधिकारियों में घटना को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया। एंटी करप्शन टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रवाना हो गई।
एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इस संबंध में कैंट थाने में विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एंटी करप्शन विभाग ने आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तत्काल विभाग को दें, ताकि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।


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