सच बोलना लिखना पत्रकारिता का प्राथमिक गुण: एसडीएम
मीरजापुर।
संवाददाता प्रवीण तिवारी
मीरजापुर।लालगंज सूचना समाज के मानसिक स्तर, उसकी सोच, व्यवहार और विकास की दिशा का परिचायक होती है। जब लोग सूचनाओं को पढ़ते, समझते और उन पर विमर्श करते हैं तो समाज अधिक जागरूक और प्रगतिशील बनता है। यह बातें उपजिलाधिकारी अजीत कुमार ने तहसील सभागार में आयोजित ग्रामीण पत्रकारिता दिवस एवं विचार गोष्ठी में कही।

उन्होंने कहा कि सूचना केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की आधारशिला भी है। पत्रकारिता सदैव सत्य के पक्ष में खड़ी रहती है और राजा हरिश्चंद्र की परंपरा का अनुसरण करते हुए समाज में विश्वास, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करती है।विशिष्ट अतिथि नायब तहसीलदार प्रताप नारायण ओझा ने कहा कि इतिहास में सूचना ने अनेक बार सामाजिक और सत्ता परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है। सूचना की अपनी स्वतंत्र शक्ति होती है, जो जनचेतना को नई दिशा देती है।
मुख्य वक्ता कैलाशपति त्रिपाठी ने कहा कि समाज को विकसित, जागरूक और सशक्त बनाने में सूचना की महत्वपूर्ण भूमिका है। विंध्य बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धनेश्वर गौतम ने कहा कि सूचना केवल इतिहास का दस्तावेज नहीं, बल्कि नई दृष्टि और परिवर्तन का माध्यम भी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता विशेश्वर गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली सूचनाएं राष्ट्र की समग्र शक्ति को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। पूर्व अध्यक्ष पन्नालाल पटेल ने कहा कि सरकार और समाज के बीच संवाद का सबसे प्रभावी सेतु सूचना ही है।

जिला पंचायत सदस्य विष्णु सिंह ने पत्रकारिता को समाज की संपत्ति, विभूति और प्रकृति बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। विधायक प्रतिनिधि एवं अपना दल के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रमाकांत पटेल ने कहा कि जब गांवों की समस्याएं और सूचनाएं मुख्यधारा में स्थान पाती हैं तो व्यापक सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है। अधिवक्ता जगत शास्त्री ने भी सूचना को परिवर्तन का प्रभावी साधन बताया।कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र मौर्य ने की। संचालन श्याम मोहन उपाध्याय तथा आभार प्रदर्शन राकेश त्रिपाठी ने किया। प्रारंभ में श्रीचंद यादव ने अतिथियों का

स्वागत किया। विंध्य बार एसोसिएशन के संस्थापक मनोज दुबे ने अतिथियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में, गिरजाशंकर तिवारी, प्रभाशंकर दुबे,इंद्रमणि पांडेय, धीरेंद्र प्रताप सिंह एवं विभूति सिंह विनोद मिश्रा अकित मिश्रा प्रवीण तिवारी राम जी विश्वकर्मा भुपनारायण ने अतिथियों का माल्यार्पण किया। विचार गोष्ठी में अरुण त्रिपाठी, अनिल शुक्ला, चंद्रधर त्रिपाठी द्वितीय, जनार्दन मिश्र, अनिल मौर्य, सुरेंद्र पटेल, सुनील पाल,सपना मौर्य सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


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