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गंगा दशहरा पर विंध्याचल में उतरी आस्था की अनुपम छटा, पक्का घाट की दिव्य आरती में उमड़ा जनसैलाब पुरी रात्रि चली सांस्कृतिक कार्यक्रम।
मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार विशिष्ट अतिथि नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार
विन्ध्याचल मीरजापुर।
रामलाल साहनी
मीरजापुर।गंगा दशहरा के अवसर पर मंगलवार शाम विंध्याचल के ऐतिहासिक पक्का घाट पर भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला माॅ गंगा के अवतरण दिवस पर आयोजित भव्य महाआरती और वैदिक पुजन सांस्कृतिक कार्यक्रम ने घाट को दिव्यता से सराबोर कर दिया। दीपों की रोशनी, गूंजते वैदिक मंत्र, डमरू निनाद और हर-हर गंगे के जयघोष के बीच श्रद्धालु पुरी रात तक भक्ति में डूबे नजर आए

विन्ध्य विकास परिषद के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए गंगा आरती प्रमुख रामानन्द तिवारी के द्वारा मां गंगा की अष्टधातु प्रतिमा का भव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद दूध, पुष्प, फल और मिष्ठान से मां गंगा का विशेष अभिषेक कर षोडशोपचार पूजन संपन्न हुआ। श्रद्धा स्वरूप मां गंगा को पियरी साड़ी अर्पित किया गया मुख्य अतिथि को संकल्प व माॅ गंगा का विशेष वैदिक पूजन गंगा स्तुति से कराकर माॅ गंगा का महा आरती प्रारंभ किया गया

महाआरती के दौरान 5 वैदिक ब्राह्मणों ने एक साथ दीप स्तंभों के साथ मां गंगा की आरती उतारी, जबकि 101 कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक स्वरूप आरती की थाली लेकर मातृशक्ति का आह्वान किया घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर मां गंगा से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की उसके बाद माॅ विंध्यवासिनी श्रवण वेद पाठ शाला के प्रधानाचार्य आचार्य अगस्त द्विवेदी के सानिध्य में वैदिक बटुको ने चार वेद व गंगा लहरी का पाठ किया मुख्य अतिथि/ अध्यक्ष पवन कुमार गंगवार ने कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं सभी लोग माॅ गंगा को स्वच्छ रखें वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर मजिस्ट्रेट/सचिव अविनाश कुमार ने कहा
कि गंगा दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति के प्रति आस्था व्यक्त करने का अवसर भी है उसके बाद शास्त्री संगीत महुआ बनर्जी ने गंगा के लहरो में ज्योत जले मैया व सागर मिश्रा ने हे दुःख भजन मारुति नंदन से समा बांधा मनीष शर्मा ने कत्थक नृत्य से माॅ गंगा अवतरण पर वाहवाही बटोरी नीरज मिश्रा ने सितार से जगजननी जय जय से हाजिरी लगाई बांसुरी पर सुधीर गौतम तबला पर देव नारायण मिश्रा ने चार चांद लगाया उसके बाद भजन संध्या में रविशंकर शास्त्री ने राम भक्त ले चला रे गाकर सभी को भाव विभोर कर दिया
उसके बाद जय चौरसिया ने मानो तो मै गंगा माॅ हु न मानो तो बहता पानी से हाजरी लगाई सृष्टि ने माॅ का कजरी गाया कल्पना पाण्डेय ने निमिया के डाली मैया गाकर वाहवाही बटोरी किर्ती सिंह ने चलो बुलावा आया है गाया अरविंद शर्मा ने माॅ तो माॅ होती है व संचालन संजय श्रीवास्तव ने गंगा आरती प्रमुख रामानन्द तिवारी व टीम के द्वारा अतिथियों का स्वागत
अंग वस्त्र व माता का चित्र देकर सम्मान किया मौके पर मुख्य रूप से ओम प्रकाश मिश्र,राजन पाठक, दुर्वासा मिश्र,शिवराम शर्मा, ईश्वर दत्त त्रिपाठी, जगदीश सैनी सुनील सोनी, नितेश दुबे, धुव्र तिवारी, अमरेंद्र सिंह गंगा आरती टीम में जितेन्द्र मिश्रा, प्रशांत उपाध्याय, धीरज तिवारी, दिनेश गुप्ता, आनन्द तिवारी,गगन माली, रितिक मोदनवाल, हिमांशु मिश्रा,राज तिवारी,राम जी माली,रमेश जी,


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