नवीनतम
फीचर्ड
प्रभारी मंत्री का मंत्री बनने के पश्चात् पहली बार पश्चिमी चंपारण का दौरा
सहयोग शिविर" के निमित्त पश्चिमी चंपारण का मंत्री ने किया दौरा
स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता अतुल कुमार
बेतिया। जिला अतिथि गृह भवन में प्रेस वार्ता के द्वारा पश्चिमी चंपारण के प्रभारी मंत्री सह अनुसूचित जाति एवं अनु. जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार मंत्री लखेद्र कुमार रौशन ने बताया कि सहयोग कार्यक्रम के निमित्त यहां पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और बेतिया में तीन प्रखंड मझौलिया प्रखंड के महोदीपुर पंचायत, नौतन विधानसभा के बैरिया प्रखंड के सूर्यपुर पंचायत एवं नौतन प्रखंड के पश्चिमी नौतन दुबौलिया पंचायत में दिनांक 19 मई, मंगलवार को सहयोग शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो यह कार्यक्रम जिला प्रशासन के माध्यम से सफलतापूर्वक संपन्न की गई. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेशानुसार यह कार्यक्रम आयोजित की जा रही है।
आज के इस कार्यक्रम में तीन जगह जितने भी आवेदन आए उन आवेदनों में 97% आवेदनों का समाधान किया गया, मात्र 3% का विषय कहीं बचा, जिसे संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए समाधान करने की बात कही गई. इस दौरान इस शिविर में वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड समस्या, आयुष्मान भारत कार्ड की समस्या आदि विभिन्न समस्याओं को सुना गया एवं उसका निदान किया गया. जो कि पश्चिमी चंपारण के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और बिहार के मुख्यमंत्री एवं एनडीए के सरकार का स्पष्ट विजन है l
साथ ही देश के प्रधानमंत्री का यह संकल्प है कि सबका साथ सबका विकास उसी के आधार पर बिहार की एनडीए सरकार ने सर्वस्पर्शी जो केंद्र सरकार व बिहार सरकार की जो भी योजनाएं हैं उन योजनाओं का लाभ आम जनता, गरीब से गरीब लोग, समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे लोग उन तक पहुंच जाए उसी के लिए सरकार ने यह सहयोग जन आकांक्षाएं के आधार पर जन भावनाओं को सरकार के सभी योजनाओं से लाभान्वित हो इसके लिए यह सहयोग शिविर आयोजित है, इस अंतर्गत जिला प्रशासन के प्रखंड अधिकारी इस सहयोग शिविर में जन समस्याओं को सुनेंगे और आवेदन को प्राप्त करते हुए 30 दिनों के अंदर ही उन समस्याओं का समाधान करना होगा,
यदि संबंधित अधिकारी उन अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो सरकार के द्वारा संबंधित अधिकारी के पोर्टल पर 10 दिनों के अंदर समाधान नहीं होने पर अधिकारियों को पोर्टल के माध्यम से नोटिस भेजी जाएगी. वैसे अधिकारी जो जन समस्याओं को सहयोग शिविर के द्वारा नहीं सुनते हैं और उनके पोर्टल पर करीब 25 दिनों के अंदर समस्याएं दिखाई देती है तो वैसे अधिकारियों को पोर्टल के माध्यम से 31 दिनों के बाद उन्हें स्वतः निलंबित होना होगा
स्वतंत्र प्रभात – जितेंद्र कुमार राजेश


Comments