एकमा सामूहिक दुष्कर्म कांड में बड़ी कार्रवाई: फरार दो आरोपियों ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

पुलिस दबाव में चार दिन बाद सरेंडर, एसआईटी जांच जारी; पहले ही एक विधि-विरुद्ध बालक को किया जा चुका है निरुद्ध

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स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश

 

एकमा (सारण)। जिले के चर्चित एकमा सामूहिक दुष्कर्म कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बीते चार दिनों से फरार चल रहे दो आरोपियों ने पुलिस की लगातार दबिश और कानूनी कार्रवाई के बढ़ते दबाव के बीच छपरा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के निर्देश पर एकमा थाना कांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी। 10 मई की रात नाबालिग पीड़िता के परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर एकमा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की गोपनीयता बनाए रखते हुए सदर-2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इसके साथ ही 11 मई की सुबह एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, जबकि पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। 12 मई को पीड़िता का बयान पॉक्सो कोर्ट में दर्ज कराया गया।

पुलिस जांच में तीन आरोपियों की पहचान हुई थी। इनमें एक विधि-विरुद्ध बालक को पहले ही निरुद्ध कर लिया गया था। वहीं फरार चल रहे निशांत कुमार सिंह, निवासी कोहड़गढ़ और प्रदीप कुमार सिंह, निवासी भोरहोपुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस निरीक्षक सह एकमा थानाध्यक्ष राम बालक यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। बढ़ते दबाव के बीच दोनों आरोपियों ने 13 मई को छपरा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 14 मई को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आमजन से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने की अपील की है।

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इधर, पीड़िता के परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक मोड में कर दोषियों को शीघ्र कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। घटना के दूसरे दिन सारण रेंज के डीआईजी निलेश कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर स्पीडी ट्रायल चलाने की बात कही थी। इस संवेदनशील मामले को लेकर क्षेत्र में लोगों की नजर जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।

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