आरटीई कानून के तहत गरीब एवं पीडीए समाज के बच्चों को निजी विद्यालयों में नहीं मिल रहा प्रवेश

समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर अध्यक्ष हाजी फ़ज़ल महमूद के नेतृत्व में नगर कमेटी द्वारा शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।

Abhinav Shukla Picture
Published On

कानपुर। समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर अध्यक्ष हाजी फ़ज़ल महमूद के नेतृत्व में नगर कमेटी द्वारा शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में “बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, २००९” के अंतर्गत गरीब एवं पीडीए समाज (पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक) के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश न दिए जाने, निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से शुल्क वसूली किए जाने तथा सरकारी विद्यालयों की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया।

जिलाधिकारी की ओर से एसीएम 6 आलोक गुप्ता ने ज्ञापन स्वीकार किया। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से संज्ञान में लेकर संबंधित विभागों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

अध्यक्ष हाजी फ़ज़ल महमूद ने कहा कि आरटीई कानून के तहत गरीब एवं पीडीए समाज के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर निजी विद्यालयों द्वारा प्रवेश देने से इंकार किया जा रहा है, जिससे हजारों जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय गरीब अभिभावकों को कभी दस्तावेजों के नाम पर तो कभी सीटें भर जाने का बहाना बनाकर वापस कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूला जा रहा है तथा महंगी पुस्तकें, कॉपियां एवं विद्यालयी पोशाक निर्धारित दुकानों से खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

वहीं सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। अधिकांश सरकारी विद्यालय आज भी स्मार्ट कक्षाओं, संगणक प्रयोगशालाओं एवं डिजिटल शिक्षा जैसी आधुनिक सुविधाओं से वंचित हैं। समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर ने मांग की कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, २००९ के अंतर्गत गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चों का निजी विद्यालयों में अनिवार्य प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए, मनमानी शुल्क वृद्धि पर रोक लगाई जाए तथा सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें