मक्का, सब्जी, आम किसानों के फसलों के नुकसान का सर्वे करा प्रति एकड़ डेढ़ लाख रुपए मुआवजा दे सरकार: सुनील कुमार राव
सांसद, विधायक किसानों के बजाय कंपनियों के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं
बेतिया 10 मई। 10 मई ऐतिहासिक 1857 के अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह दिवस और अखिल भारतीय किसान महासभा की स्थापना दिवस पर केंद्र और राज्य सरकार के किसान विरोधी कार्रवाइयों के खिलाफ स्टेशन परिसर से मार्च निकाल कलेक्ट्रेट के समक्ष सभा किया गया।सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा दिल्ली पटना की सरकारें कॉरपोरेट में इस तरह मशगूल हैं कि किसानों की खेती योग्य बहुफसली ज़मीन तक को भूमि अधिग्रहण कानून को ताख पर रखकर एक्सप्रेस-वे/हाइवे के नाम पर,अंबानी, अड़ानी को दे दें रहीं हैं। उचित मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है। यहां नौतन बैरिया में गोरखपुर - सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के नाम पर किसानों के विरोध के बावजूद जबरन भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है जिस वजह से सैकड़ों लोगों का घर, हजारों लोगों का खेती योग्य बहुफसली ज़मीन, तथा व्यवसायिक प्रतिष्ठान उसके जद में आ गया है। सांसद, विधायक किसानों के बजाय कंपनियों के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं।
किसान महासभा के जिला नेता रिखी साह ने कहा पैक्सो ने कागजों में धान खरीद कर लिया है। असली हकदार अपना धान नहीं बेंच पाएं। ऐसे में इसकी जांच से सहकारिता विभाग भाग रहा है। जिला पदाधिकारी इसकी जांच करा कानून संवत् कार्रवाई करें। गन्ना किसान महासभा के जिला अध्यक्ष संजय यादव ने कहा गन्ना मूल्य 600 रुपए प्रति किवंटल करने की मांग लंबे समय से किसानों की है लेकिन सुगर केन लॉबी के दबाव में आकर सरकार अगले गन्ना पेराई सत्र के लिए मात्र 10 रुपए प्रति किवंटल मूल्य बढ़ाया है जो गन्ना किसानों के साथ गद्दारी है। किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। किसान महासभा के नेता भरत शर्मा ने कहा असमय बरसात से मक्का, सब्जी, आम आदि की फसलें काफ़ी बर्बाद हो गई है। सरकार उसका सर्वे कराकर 150000 (डेढ़ लाख रुपए) मुआवजा दे। नहीं तो आंदोलन किया जाएगा। किसान महासभा के बिनोद कुशवाहा ने कहा सिंचाई के लिए सरकार किसानों का बिजली बिल मुफ्त करें। कार्यक्रम में किसान नेता किशोरी साह,हेवांचल महतो,लक्षुमण राम, अच्छेलाल राम,भरत शर्मा,सुजायत अंसारी, धर्म कुशवाहा,लिखी साह, आदि नेता मौजूद थे।


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