विक्रमशिला सेतु अपडेट: मई में तैयार होगा 'बेली ब्रिज', 10 टन तक के वाहन भर सकेंगे फर्राटा
मरम्मत का मास्टरप्लान तैयार
बिहार विक्रमशिला सेतु पर आवागमन की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है।विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने और यातायात बहाल करने के लिए एनएच विभाग, पुल निर्माण निगम और सीमा सड़क संगठन (BRO) ने कमर कस ली है। गुरुवार को हुई एक हाई-लेवल संयुक्त बैठक में क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी 'बेली ब्रिज' बनाने का अंतिम निर्णय लिया गया है।
बेली ब्रिज: 3 करोड़ का बजट और 50 मीटर की लंबाई प्रशासन की योजना इस पुल को मई महीने के भीतर ही तैयार करने की है।यह पुल 10 टन तक का भार उठाने में सक्षम होगा। कौन चल सकेंगे इस बेली ब्रिज एम्बुलेंस, बाइक और छोटे चारपहिया वाहन इस पर आसानी से चल सकेंगे।लेकिन भारी ट्रकों और ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
कितनीहोगी लागत
इस अस्थायी ढांचे के निर्माण पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बेली ब्रिज के साथ-साथ सेतु के समानांतर दो लेन का ट्रस ब्रिज भी बनाया जाएगा। इसमें पैदल यात्रियों के लिए अलग से सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था होगी, ताकि स्थानीय लोगों को पैदल आवाजाही में कोई खतरा न हो। क्या रहे हादसा का कारण जांच में सामने आई चौंकाने वाली खामियां दानापुर रेल मंडल के सीनियर डिवीजनल इंजीनियर (ब्रिज) मनोज कुमार के नेतृत्व में आई टीम ने पुल की तकनीकी जांच की।
रिपोर्ट में निर्माण के समय की गंभीर गलतियां उजागर हुई हैं:
डिजाइन में बदलाव: पिलर धंसने के कारण मूल 24 मीटर के स्लैब को बढ़ाकर 34 मीटर करना पड़ा, जिससे संरचना पर दबाव बढ़ा। जाम का असर: पुल पर लगातार 24-48 घंटों तक लगने वाले लंबे जाम ने 'एक्सपेंशन जॉइंट' और 'बेयरिंग' को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। भारी दबाव: पुराने समय में 6 चक्के वाले ट्रकों के हिसाब से बने इस पुल पर आधुनिक भारी वाहनों के दबाव ने स्लैब को कमजोर कर दिया।
कब शुरू होगा काम?
एनएच के मुख्य अभियंता संजय भारती ने बताया कि विशेषज्ञों की विस्तृत रिपोर्ट सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को भेजी जा चुकी है। शनिवार को मंत्रालय को रिस्टोर करने संबंधी औपचारिक पत्र भेजा जाएगा। 15 जून: क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी दुरुस्तीकरण (Repairing) का कार्य शुरू करने का लक्ष्य है। पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख बिहार राज्य पुल निर्माण निगम करेगा। बेली ब्रिज का निर्माण भागलपुर और नवगछिया के बीच टूटे संपर्क को जोड़ने के लिए एक 'लाइफलाइन' साबित होगा। मंत्रालय की हरी झंडी मिलते ही युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा। ऐसी ही ताज़ा खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।


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