नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
बाबा साहब की जयंती पर राष्ट्रीय पर्व घोषित करने की मांग अनपरा में विद्युत कर्मियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सभी उपस्थित जनों ने सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और भेदभाव मुक्त समाज बनाने की शपथ ली।
अनपरा /सोनभद्र-
भारतीय संविधान के शिल्पकार और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज अनपरा कॉलोनी में अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। स्थानीय विद्युत कर्मियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने एकजुट होकर बाबा साहब के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान वातावरण बाबा साहब अमर रहें के नारों से गुंजायमान रहा। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जयंती की बधाई दी और सामाजिक न्याय के इस महापर्व की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और विद्युत कर्मी नेता विष्णु देव झा ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण मांग रखी।
उन्होंने कहा बाबा साहब का योगदान केवल एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ करने के लिए अतुलनीय रहा है। सरकार को बाबा साहब की जयंती को राष्ट्रीय पर्व घोषित करना चाहिए, ताकि आने वाली हर पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और महान विचारों से प्रेरणा ले सके। उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब सामाजिक न्याय के सच्चे देवता हैं और उनके विचारों को आत्मसात करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
Read More जनपद में हर्षोल्लास व धूम-धाम से मनायी गयी भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंतीविद्युत मजदूर पंचायत के अध्यक्ष प्रशांत उपाध्याय ने डॉ. अंबेडकर के योगदान को राष्ट्र निर्माण में सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष और सफलता की वह मशाल है, जो हर वर्ग के व्यक्ति को अंधकार से निकलकर प्रगति के पथ पर चलने की प्रेरणा देती है। इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे।
सुजीत सोनी (मनोनीत अध्यक्ष, मजदूर संघ), प्रशांत उपाध्याय (अध्यक्ष, विद्युत मजदूर पंचायत), विशाल शाही, महबूब अहमद, मोनू गुप्ता, अभिषेक पाण्डेय, रमेश चौरसिया, राजेश सिंह, राजकुमार, बंगाली भाई, सत्यम, अनिमेष मिश्रा, गणेश शाह, कार्यक्रम का सफल संचालन पुष्पराज सिंह द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित जनों ने सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और भेदभाव मुक्त समाज बनाने की शपथ ली।


Comments