गोरखपुर ख़जनी में ‘मिशन शक्ति’ की गूंज: छात्राओं को मिला सुरक्षा, कानून और आत्मरक्षा का सशक्त पाठ

सीओ दीपांशी राठौर ने बताया—डर नहीं, जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार; हेल्पलाइन और आत्मरक्षा टिप्स से बढ़ा छात्राओं का आत्मविश्वास

शत्रुघन मणि त्रिपाठी  Picture
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ब्युरो /गोरखपुर कार्यालय (उत्तर प्रदेश)

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत खजनी क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका  आवासीय इंटर कॉलेज, उसवा बाबू में मंगलवार को की शाम  एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को न केवल उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनने के लिए प्रेरित करना भी रहा।

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कार्यक्रम क्षेत्राधिकारी खजनी दीपांशी राठौर के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें महिला उपनिरीक्षक प्रीति यादव और गायत्री की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने सैकड़ों छात्राओं को सुरक्षा के मूलभूत नियम, कानूनी अधिकार और आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपाय विस्तार से समझाए।

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डरो नहीं, तुरंत करें शिकायत

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छात्राओं को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या ईव टीजिंग की स्थिति में चुप रहना समाधान नहीं है। तुरंत पुलिस को सूचित करें, क्योंकि कानून पूरी तरह उनकी सुरक्षा के लिए है। उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की आसान प्रक्रिया और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी।

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हर समय मदद के लिए तैयार हेल्पलाइन

कार्यक्रम में 1090 (वूमेन पावर लाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और 181 (महिला हेल्पलाइन) जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी दी गई। छात्राओं को भरोसा दिलाया गया कि इन सेवाओं पर 24 घंटे सहायता उपलब्ध है और बिना किसी झिझक के संपर्क किया जा सकता है।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण बना आकर्षण का केंद्र


कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली हिस्सा आत्मरक्षा प्रशिक्षण रहा। पुलिस टीम ने छात्राओं को सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और खतरे की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के तरीके सिखाए। साथ ही कुछ सरल लेकिन प्रभावी आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देखकर छात्राएं उत्साहित नजर आईं।

छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे। एक छात्रा द्वारा फोन पर परेशान किए जाने की स्थिति में क्या करना चाहिए, इस सवाल पर अधिकारियों ने तुरंत समाधान बताते हुए साइबर सुरक्षा और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी दी।

विद्यालय प्रबंधन ने जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता दोनों बढ़ाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह की कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।

सशक्त बनती बेटियां, सुरक्षित बनता समाज

मिशन शक्ति अभियान के जरिए पुलिस प्रशासन लगातार ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर बालिकाओं को जागरूक और सशक्त बना रहा है। इस पहल से न केवल छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षित और सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित हो रही है।

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