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मुख्यमंत्री द्वारा “स्कूल चलो अभियान 2026–27” के शुभारंभ कार्यक्रम का कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ सजीव प्रसारण
अम्बेडकरनगर।
आज जनपद अम्बेडकरनगर में “स्कूल चलो अभियान 2026–27” कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा किए गए सजीव प्रसारण के माध्यम से कलेक्ट्रेट सभागार में माननीय अध्यक्ष, जिला पंचायत श्री श्याम सुंदर वर्मा एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति किया गया।
इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष, जिला पंचायत ने कहा कि “बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं” तथा सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से विद्यालय भेजकर उन्हें शिक्षा से जोड़ें। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा स्कूलों का व्यापक कायाकल्प किया गया है।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों से उत्तीर्ण सभी बच्चों एवं छूटे हुए बच्चों का प्राथमिक विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे शिक्षा को केवल दायित्व न समझें, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य मानते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।
जनपद में शैक्षणिक सुविधाएं एवं उपलब्धियां (समग्र शिक्षा अंतर्गत) जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जनपद में संचालित योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई, उन्होंने बताया कि
- ऑपरेशन कायाकल्प के 19 पैरामीटर के अन्तर्गत 99.50 प्रतिशत औसत विद्यालयों का संतृप्तीकरण कराया जा चुका है।
- शैक्षिक सत्र 2025-26 में 141062 छात्र/छात्रा प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकृत बच्चों को डी०बी०टी० के माध्यम से प्रति छात्र रु0 1200/- बच्चों के माता-पिता/अभिभावकों के खातों में सुविधा प्रदान की जा रही है। जिसके माध्यम से बच्चों के लिए रू0 600/-में दो सेट यूनिफार्म, रु0-200/में स्वेटर, रु0-175/में स्कूल बैग, रु0-125/-में जूता-मोजा एवं रु0-100/-में स्टेशनरी क्रय किया जाना है।
- अभिभावकों से यह अपील की जाती है कि डी०बी०टी० की उक्त धनराशि से बच्चों के लिए निर्धारित सामाग्री का क्रय शीघ्र अतिशीघ्र कर लिया जाए।
- शैक्षिक सत्र 2026-27 में जनपद के स्वीकृत 478-विद्यालयों में शासन द्वारा स्मार्ट क्लास की स्थापना की गयी है।
- जनपद में 08 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित जिसमें 800 अपवंचित वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
- जनपद के 08 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में से 08 के उच्चीकरण हेतु हॉस्टल (कक्षा 09 से 12 तक) का निर्माण किया गया है।
- शैक्षिक सत्र 2026-27 के अन्तर्गत आरण्टी०ई० 12 (1) (ग) के अन्तर्गत 04 चरणों में कुल 723 बच्चों का नामांकन कराया गया है।
- परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण दिनांक 19 जुलाई 2025 से 23 अगस्त 2025 तक आयोजित कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया
- 265 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों में शिशु फर्नीचर की व्यवस्था बच्चों हेतु की गयी है।
- जनपद मध्यान्ह भोजन योजन्तार्गत सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय, सहायता प्राप्त विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय/इण्टरमीडिएट समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालय, अनुदानित मदरसे (कक्षा-01 से 1 से 05) एवं राजकीय विद्यालयों में योजना संचालित है।
- मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत प्राथमिक स्तर के बच्चों को 100 ग्राम एवं उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों को 150 ग्राम पका पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाता है। भोजन से प्राप्त न्यूनतम ऊर्जा की मात्र 450 किलो कैलोरी प्राथमिक स्तर हेतु प्रति छात्र तया 700 किलो कैलोरी उच्च प्राथमिक स्तर हेतु प्रति छात्र बच्चों को उपलब्ध करायी जाती है।
- जनपद के प्रत्येक विद्यालय में कमजोर बच्चों हेतु उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था एवं स्कूल रेडीनेंस कार्यक्रम के अन्तर्गत प्री-प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है।
- जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालय, आशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, राजकीय विद्यालय एवं अनुदानित मदरसों में अध्ययनरत कक्षा-01 से 08 तक के बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तके प्रदान की जा रही है।
- जनपद में 1345 विद्यालयों में 2754-टेबलेट्स का वितरण किया गया है सभी को विभाग की तरफ से सिमकार्ड एवं डेटा उपलब्ध कराया गया है।
- जनपद के 20 पीएमश्री विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है जहाँ भारत सरकार की मंशा के अनुरूप उच्चस्तरीय भौतिक सुविधाएं एवं बेहतरीन शिक्षा की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम के दौरान माननीय अध्यक्ष, जिला पंचायत एवं जिलाधिकारी द्वारा बच्चों को पुस्तकें वितरित की गईं तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही, शिक्षा के महत्व एवं विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के बच्चे एवं अध्यापकगण उपस्थित रहे।


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