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TCS नासिक के अंदर हिंदू महिलाओं के साथ क्या हुआ?
एक महिला की पुलिस शिकायत ने TCS नासिक सैक्स स्कैंडल को उजाकर कर दिया
ब्यूरो प्रयागराज- TCS नासिक सैक्स स्कैंडल कर्मचारियों सामने इस दफ्तर में सालों तक ऑफिस के अंदर महिलाओं का शारीरिक शोषण होता रहा, उन्हें मानसिक रूप से कमजोर किया जा रहा था और कुछ महिलाओं ने तो धार्मिक तौर पर परेशान करने के आरोप भी लगाए। हैंरानी की बात यह है की शुरुआत में इन मामलों पर HR ने कोई एक्शन नही लिया और ना ही कंपनी के किसी हेड ने कोई कार्यवाही की बल्कि महिलाओं को MNC में ऐसा होता है कहकर चुप करवाया गया। लेकिन एक महिला की पुलिस शिकायत ने TCS नासिक सैक्स स्कैंडल को उजाकर कर दिया।
TCS नासिक सैक्स स्कैंडल दबाने की काफी कोशिश की गई लेकिन जैसे ही एक महिला ने हिम्मत दिखाकर शिकायत करने की कोशिश की पुलिस ने भी उसका साथ देते हुए जाल बिछाया, सबूत जुटाए, अंदर की परते खंगाली और एक ऐसी रणनीति बनाई की एक-एक कर आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए। TCS नासिक सैक्स स्कैंडल केवल एक केस नहीं बल्कि सच का खुलासा है जो लंबे समय से पर्दे के पीछे छुपा हुआ था।
महिला की शिकायत से शुरुआत में लगा कोई एक व्यक्ति इस पूरे केस में शामिल होगा, लेकिन जब जांच हुई तो कहानी ऐसी खुली कि टाटा ग्रुप की TCS कंपनी के कई कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, और पता चला HR निदा खान की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदिग्ध हो सकती है.
नवभारत टाइम्स ने एक रिपोर्ट में पुरुष कर्मचारी के हवाले से दावा किया कि मर्जी के खिलाफ मुझे धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने को मजबूर किया गया, कई शिकायतकर्ताओं ने कहा सीनियर अधिकारियों और एचआर के सामने भी ये मुद्दा उठाया गया, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ. क्योंकि एचआर हेड निदा खान भी इसमें शामिल है. 10 अप्रैल को निदा खान का बयान भी इस मामले में दर्ज किया गया.
Read More बहुचर्चित किडनी कांड में कानपुर में अब तक 9 गिरफ्तार , पूछतांछ में जारी चौंकाने वाले खुलासेमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है, जबकि प्रियंका चतुर्वेदी लगातार इस मसले पर सवाल उठा रही हैं, उधर टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखर का कहना है कि अपने कर्मचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की हमारी नीति हैं, इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है. आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और कंपनी पुलिस की ओर से चल रही जांच में पूरा सहयोग दे रही है.
Read More राज्यपाल ने राजकीय बालगृह परिसर-खुल्दाबाद पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं, की जानकारी प्राप्त कीसभी आरोपी को नौकरी से निलंबित कर दिया गया है, मई 2023 से मार्च 2026 तक ये करतूत पुलिस से कैसे छिपी रही, इसका जवाब भी शिकायकर्ता अपनी शिकायत में देते हैं. आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर WhatsApp ग्रुप बनाए थे, जिनमें कमज़ोर सहकर्मियों को टारगेट करने के बारे में चर्चा होती थी.
टीसीएस नासिक घोटाले का मामला 2026 मार्च में तब सामने आया जब एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि 2022 से 2026 के बीच TCS नासिक के ऑफिस में उसके साथ लगातार यौन शोषण होता रहा। छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं भी हुई। उसने अपनी शिकायत में कहा कि TCS नासिक के एक सीनियर ने उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। जैसे ही पुलिस ने जांच शुरू की और भी महिलाएं सामने आने लगी। करीब 8 से 9 महिलाओं ने शिकायत दर्ज करवाई। 9 FIR दर्ज की गई और चार सालों से चलने वाले इस कैंडल को उजागर किया गया।
TCS नासिक सैक्स स्कैंडल में बयान के बाद पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस ऑफिस में जॉब करने वाली महिलाओं को पहले छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणी का सामना करना पड़ता था।कुछ महिलाओं को मानसिक उत्पीड़न से भी गुजरना पड़ता था।कुछ महिलाओं को झांसा देकर ,झूठा वादा कर शारीरिक संबंध के लिए मजबूर किया गया।
इस ऑफिस में कई हिंदू महिलाओं को जबरदस्ती नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था।रिपोर्ट्स में पाया गया है कि कुछ मामलों में बीफ खाने के लिए भी दबाव डाला गया हिंदू महिलाओं की धार्मिक भावनाओं को मजाक बनाया जाता था।खासकर एक पैटर्न में कर्मचारियों को टारगेट किया जाता था, उन्हें प्रभावित कर धर्म बदलने की भी कोशिश की गई थी।
पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही की इस कंपनी के HR ने महिलाओं की शिकायत के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की। यहां तक की HR पर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतों को नजरअंदाज करना और महिलाओं को मामला दबाने के लिए मजबूर करना जैसे आरोप HR पर भी लगे हैं। इस पूरी जांच के दायरे में पुलिस ने 6 से 7 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। यह सारे आरोपी टीम लीडर और सीनियर पोजीशन पर थे। एक HR अधिकारी को भी इसमें पकड़ लिया गया है।


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