कंबाइन मशीन की चिंगारी से 80 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, 21 किसान परिवार प्रभावित

ताजा मामलानगर थाना क्षेत्र के बढ़नी गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब कंबाइन मशीन से निकली चिंगारी ने भीषण आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 80 बीघा खड़ी पकी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई।

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बस्ती।
 
बस्ती जिले में आज का कहर जारी है गेहूं की कटाई के मौसम में कंबाइन मशीनों से लग रहे यार किसानों के लाखों के गेहूं जलकर राख हो गए तहसील प्रशासन ने अपना कोरम पूरा करने के लिए मौके पर पहुंच कर जांच कर रिपोर्ट लगाया लेकिन किसानों की संतुष्टि क्या हजार ₹2000 में हो जाएगी यह बड़ा सवाल खड़ा होता है अग्निकांड में किसानों की जमा पूंजी जलकर राख हो जाती है यहां तक उनके केसीसी के लोन भी नहीं जमा हो पाते हैं और खाने के लाले पड़ जाते हैं
 
ताजा मामलानगर थाना क्षेत्र के बढ़नी गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब कंबाइन मशीन से निकली चिंगारी ने भीषण आग का रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 80 बीघा खड़ी पकी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। इस हादसे में 21 किसान परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
 
प्रभावित किसानों में गुड्डू लाल मिश्रा, काशीराम, सुग्रीव, रामनयन, उपेन्द्र कुमार मिश्रा, भूपेंद्र कुमार मिश्रा, केशवनंदन मिश्रा, मरूती मिश्रा, ब्रिज नंदन मिश्रा, विमलेश कुमार मिश्रा, बदलू शर्मा, राजेश शर्मा, परमेश्वर, शालिग्राम त्रिपाठी, रामकेवल, फताई, गया प्रसाद गौड़ और सत्यनाम धीरेंद्र मिश्रा सहित अन्य किसान शामिल हैं, जिनकी पूरी मेहनत कुछ ही पलों में राख में बदल गई।
 
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेत में कंबाइन मशीन से कटाई के दौरान निकली एक छोटी सी चिंगारी ने सूखी फसल को आग की चपेट में ले लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और किसानों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। खेतों में खड़ी फसल, जो उनकी सालभर की आजीविका का आधार थी, पलभर में खत्म हो गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल विभाग की तीन गाड़ियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर 112 पीआरबी टीम और नगर थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। नेकपाल धीरेन्द्र सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का प्रारंभिक आकलन शुरू कर दिया है, जबकि प्रधान प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद रहे।
 
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह फसल ही उनके परिवार के पूरे वर्ष के खर्च का आधार थी और इस नुकसान से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं।
 
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जिले भर में गेहूं की कटाई जोरों पर है। कंबाइन मशीनों के संचालन में लापरवाही के चलते इस तरह की आग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे किसानों को लगातार भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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