प्राण प्रतिष्ठा का पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन 

उड़ीसा के मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया

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नैनी। तीर्थराज प्रयागराज के अरैल संगम तट पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ धाम मन्दिर की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का पांच दिवसीय महोत्सव उत्तर और पूर्व भारत की सांस्कृतिक एकता का अद्भुत प्रतीक बनकर उभरा है।यह भव्य अनुष्ठान परमार्थ निकेतन आश्रम के स्वामी चिदानन्द सरस्वती के नेतृत्व में हो रहा है। बुधवार को महोत्सव में उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
 
उन्होंने कहा कि अरैल संगम तट पर भगवान श्री जगन्नाथ धाम की स्थापना उड़ीसा और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करेगी। साथ ही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त बनाएगी।उन्होंने इसे अद्भुत एवं अनुकरणीय पहल बताया और सम्पूर्ण उड़ीसा वासियों की ओर से चिदानंद सरस्वती को साधुवाद एवं अभिनंदन प्रेषित किया। इस अवसर पर संध्याकालीन भव्य गंगा आरती का आयोजन परमार्थ त्रिवेणी पुष्प स्थित परमार्थ न्यू अरैल घाट पर हुआ।
 
मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्तों की आस्था से संगम तट दिव्यता से आलोकित हो उठा था। उड़ीसा के मुख्यमंत्री श्री माझी ने आरती में सहभागिता कर त्रिवेणी संगम का आशीर्वाद लिया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं नदी स्वच्छता के संकल्प को दोहराया। स्वामी चिदानंद मुनि ने इस आयोजन पर पूर्व राज्यपाल दिवंगत केसरी नाथ त्रिपाठी का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। 

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