नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
कलेक्ट्रेट परिसर में आशा एवं आशा संगिनी बहनों का प्रदर्शन
राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की उठी मांग
बाराबंकी में आशा एवं आशा संगिनी बहनों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
बाराबंकी, 25 फरवरी 2026। जनपद बाराबंकी के कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को आशा एवं आशा संगिनी बहनों द्वारा आयोजित कार्यक्रम ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने अपने अधिकारों की मांग को एकजुट होकर बुलंद स्वर में रखा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष के.के. मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे और आशा बहनों को पूर्ण समर्थन प्रदान किया।जिला अध्यक्ष, बाराबंकी आशा एवं आशा संगिनी कर्मचारी संगठन, शीला चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि आशा एवं आशा संगिनी बहनें वर्षों से National Health Mission (राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान) के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के समय भी इन कार्यकर्ताओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना घर-घर जाकर सर्वेक्षण, टीकाकरण एवं जन-जागरूकता का कार्य किया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, परिवार नियोजन तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों में उनका योगदान अतुलनीय रहा है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बहनों ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब वे अपने अधिकारों के प्रति पूर्णतः जागरूक और संगठित हैं। प्रदर्शन के उपरांत जिला अधिकारी, बाराबंकी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से आशा एवं आशा संगिनी बहनों को राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने, नियमित वेतनमान सुनिश्चित करने, सामाजिक सुरक्षा लाभ जैसे कर्मचारी भविष्य निधि, पेंशन एवं बीमा की व्यवस्था लागू करने तथा लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2005 से अब तक महंगाई में निरंतर वृद्धि हुई है, किंतु मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे जीवन-यापन अत्यंत कठिन हो गया है।
मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में आशा एवं आशा संगिनी बहनों के संघर्ष को न्यायोचित बताते हुए हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया। सभी उपस्थित बहनों और श्रमिक साथियों ने एक स्वर में अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण, गरिमामय एवं लोकतांत्रिक ढंग से संपन्न हुआ। अंत में सभी ने संकल्प लिया कि जब तक उनकी मांगें पूर्ण नहीं होतीं, तब तक संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यम से संघर्ष जारी रहेगा।
संगठन की ओर से समस्त आशा बहनों, आशा संगिनी बहनों तथा मजदूर संघ के भाई एवं बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Comments