नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
ओबरा सोनांचल की धरती से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकालने का संकल्प, 23वें राज्य स्तरीय क्रिकेट महाकुंभ का आगाज
22 फरवरी को सजेगा मैदान, संकट मोचन झा बचपन का शौक बना युवाओं का भविष्य
अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
ओबरा /सोनभद्र-
खेल के प्रति जुनून और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत जब मिल जाती है तो सोनांचल कप जैसे बड़े आयोजनों का जन्म होता है। ओबरा की पावन धरती पर इन दिनों 23वीं राज्य स्तरीय सोनांचल कप क्रिकेट प्रतियोगिता को लेकर उत्साह चरम पर है। इस आयोजन के सूत्रधार और संस्थापक संकट मोचन झा के विजन ने आज सोनभद्र को खेल के मानचित्र पर एक नई पहचान दी है। इस वर्ष प्रतियोगिता को और भी भव्य बनाया गया है।

Read More किशन का तूफान, बुमराह-हार्दिक का कहर: भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से रौंदा, अब 8-1 का दबदबा!"खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए भारी-भरकम पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है। प्रथम पुरस्कार-1,00,000 (एक लाख रुपये) द्वितीय पुरस्कार- 70,000 (सत्तर हजार रुपये)मैन ऑफ द सीरीज रेफ्रिजरेटर (फ्रीज) प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन 22 फरवरी, दिन रविवार को सुबह 10:00 बजे से होगा। इस अवसर पर क्षेत्र की कई दिग्गज हस्तियाँ मौजूद रहेंगे।
मुख्य अतिथि आर.के. अग्रवाल (ओबरा परियोजना प्रबंधक, ओबरा) विशिष्ट अतिथि चांदनी (अध्यक्ष, ओबरा नगर पंचायत) मुख्य संरक्षक रमेश सिंह, संरक्षक ए.के. राय, अजय सिंह यादव उर्फ डिंपल भाई अध्यक्ष रमेश वैश्य, आयोजक टीम उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, राजू यादव, कपिल यादव सहित अन्य पदाधिकारी। आयोजक सचिव संकट मोचन झा का क्रिकेट से नाता बेहद पुराना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में स्वयं खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
एक खिलाड़ी के संघर्ष को समझते हुए उन्होंने संकल्प लिया है कि वे स्थानीय युवाओं को वह मंच प्रदान करेंगे, जहाँ से वे टीम इंडिया तक का सफर तय कर सकें। मेरा सपना है कि ओबरा और सोनभद्र का नाम केवल खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि खेल के मैदान में भी विश्व पटल पर चमके। जब यहाँ का कोई खिलाड़ी भारत की जर्सी पहनेगा, वही मेरी असली जीत होगी। किसी भी खेल प्रतियोगिता को बिना रुके 23 वर्षों तक आयोजित करना संकट मोचन झा की खेल के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है।
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों की दिग्गज टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को पेशेवर क्रिकेट की बारीकियां सीखने का मौका मिलेगा। संकट मोचन झा और उनकी पूरी टीम का यह प्रयास सोनभद्र के खेल इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन है, बल्कि युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला एक सशक्त मंच है।

Comments