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ओबरा महाकाल सेवा समिति की शिव बारात में उमड़ा जनसैलाब भक्ति, झांकियों और जयकारों से शिवमय हुई नगर पंचायत
जयकारों से गूंज उठा समूचा नगर, लोगों ने लिया बढ़ चढ़कर भाग
अजित सिंह ( ब्यूरो) के साथ कु. रीता की रिपोर्ट
ओबरा/ सोनभद्र-
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ओबरा नगर में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाकाल सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य शिव बारात ने इस वर्ष भी अपनी सांस्कृतिक भव्यता और जन-सहभागिता से एक नया इतिहास रचा। हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के बीच निकली इस बारात ने पूरे नगर को शिवभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। बारात का शुभारंभ प्रात नगर के पुराने थाना परिसर से हुआ।

यहाँ से शुरू होकर बारात हनुमान मंदिर, दादा उन, डिग्री कॉलेज मार्ग, गीता मंदिर और सुदामा पाठक हनुमान मंदिर होते हुए राम मंदिर प्रांगण पहुँची। पूरी यात्रा के दौरान डीजे पर बज रहे भक्तिमय भजनों ने श्रद्धालुओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इस भव्य आयोजन में लगभग 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शिरकत की, जिनमें बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का उत्साह देखते ही बनता था। शिव बारात में सजी पौराणिक झांकियों ने नगरवासियों का मन मोह लिया। भगवान शिव, माता पार्वती और अन्य देवी-देवताओं के सजीव चित्रण के साथ-साथ शिव गणों के स्वरूप ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।
मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा बारातियों के लिए जलपान, शर्बत और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। इस धार्मिक आयोजन में समाज के हर वर्ग और राजनीतिक पटल के दिग्गजों ने सहभागिता की। मुख्य रूप से उपस्थित रहे। दुर्गावती देवी (पूर्व नगर पंचायत अध्यक्षा) रमेश सिंह, प्रदीप अग्रहरि, सूर्य नारायण अग्रहरि, संजय पासवान,चांदनी देवी (अध्यक्षा, नगर पंचायत ओबरा)महेश जायसवाल (वरिष्ठ अधिवक्ता) एवं अन्य गणमान्य नागरिक। राम मंदिर प्रांगण पहुँचने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ।
विवाह के उपरांत समिति द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया।महाकाल सेवा समिति का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन था, बल्कि इसने ओबरा नगर की सांस्कृतिक एकता और सामूहिक सेवा भाव को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। समिति के सदस्यों की सक्रियता और प्रशासन के सहयोग से यह भव्य आयोजन निर्विघ्न संपन्न हुआ।

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