इलाज के नाम पर लापरवाही का आरोप: इंजेक्शन के बाद बिगड़ी महिला की हालत

पति ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर की मांग की

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दिनेश चौधरी की रिपोर्ट
 
बुढार - शहडोल जिले के बुढार क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। बुढार वार्ड क्रमांक 8 निवासी मनोहर लाल जगवानी ने थाना बुढार में लिखित शिकायत देकर डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डॉक्टर की लापरवाही और अभद्र व्यवहार के कारण उनकी पत्नी की हालत और बिगड़ गई, जिससे परिवार को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी।
 
शिकायत के अनुसार, 11 फरवरी 2026 की शाम करीब साढ़े सात बजे मनोहर लाल अपनी पत्नी बबिता जगवानी को इलाज के लिए बुढार स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उनके साथ बड़ा बेटा सतीश जगवानी और बहू नीता जगवानी भी मौजूद थे। मनोहर लाल का कहना है कि उनकी पत्नी को चक्कर आ रहे थे, इसलिए वे तत्काल डॉक्टर पियूष कुमार सिंह से इलाज कराने पहुंचे।
 
आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर के सहायक ने पहले बीपी और तापमान की जांच की, फिर पर्ची बनाकर फीस जमा करवाई गई। इसके बाद डॉक्टर ने बिना मरीज की पूरी समस्या सुने और बिना किसी जांच के भर्ती करने की बात कही। मनोहर लाल का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर से निवेदन किया कि उनका घर पास में ही है और वे अगले दिन सुबह पत्नी को दोबारा जांच के लिए ले आएंगे, इसलिए अभी भर्ती न किया जाए।
 
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस बात पर डॉक्टर भड़क गए और आवेदक से अभद्र व्यवहार करने लगे। इसके बाद डॉक्टर ने ईसीजी, ब्लड टेस्ट और एक्स-रे के लिए भेज दिया। आरोप है कि रिपोर्ट आने से पहले ही डॉक्टर ने महिला को तीन इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उनकी हालत और खराब हो गई। मनोहर लाल के अनुसार, इंजेक्शन लगने के बाद उनकी पत्नी को ज्यादा चक्कर आने लगे और आंखों के सामने धुंधलापन छा गया।
 
जब इस स्थिति की जानकारी डॉक्टर को दी गई तो शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉक्टर ने नाराज होकर कहा कि “जब मरने लगते हो तभी अस्पताल लेकर आते हो” और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉक्टर ने मरीज को उसी हालत में बिना उचित इलाज के अस्पताल से जाने को कह दिया।
 
मनोहर लाल का कहना है कि डॉक्टर के इस व्यवहार और लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की हालत और गंभीर हो गई। इसके बाद अगले दिन सुबह वे पत्नी को शहडोल लेकर गए, जहां दूसरे डॉक्टर से इलाज कराया गया। शिकायत के अनुसार, इंजेक्शन के कारण आज तक उनकी पत्नी की आंखों में तकलीफ बनी हुई है और वह साफ देख नहीं पा रही हैं।
 
आवेदक ने पुलिस से मांग की है कि डॉक्टर पियूष कुमार सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ इस प्रकार की घटना न हो। उन्होंने डॉक्टर पर लापरवाही और जानबूझकर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।फिलहाल, इस मामले में पुलिस द्वारा क्या कार्रवाई की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला निजी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था और मरीजों के साथ व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

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