यूपी विधानसभा में उठा गलगोटिया यूनिवर्सिटी का मुद्दा

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लखनऊ। नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान कथित रूप से एक चीनी रोबोट को अपना उत्पाद बताने के आरोपों के बीच गलगोटिया यूनिवर्सिटी का मामला गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में गूंजा। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने इस प्रकरण की जांच और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।

सपा विधायक इंजीनियर सचिन यादव और पंकज मलिक ने सदन में कहा कि बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के संबंधित उत्पाद को समिट में कैसे प्रस्तुत किया गया। उनका कहना था कि यह मामला केवल एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि शैक्षणिक पारदर्शिता और देश की वैज्ञानिक साख से भी जुड़ा गंभीर विषय है।

अध्यक्ष की प्रारंभिक आपत्ति

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शुरुआत में कहा कि संबंधित समिट उत्तर प्रदेश में आयोजित नहीं हो रही है और न ही इसे प्रदेश सरकार ने आयोजित कराया है, इसलिए इस पर सीधे सदन में चर्चा नहीं हो सकती।हालांकि सपा सदस्यों के अनुरोध पर बाद में अध्यक्ष ने उन्हें सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए अपनी नोटिस पढ़ने की अनुमति दे दी।

जवाबदेही का सवाल

सचिन यादव ने कहा कि चूंकि विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में संचालित है, इसलिए उसकी जवाबदेही राज्य सरकार के दायरे में आती है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की।

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सपा सदस्यों ने यह भी कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि पर कोई आंच न आए।

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नोटिस सरकार को प्रेषित

विधानसभा की अधिष्ठाता मंजू सिवाच ने सपा सदस्यों की इस नोटिस को सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए अग्रसारित कर दिया है। अब इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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