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ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
ऑनलाइन बेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों से ठगी
लखनऊ- उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से गौतमबुद्धनगर के विभिन्न स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।
एसटीएफ के अनुसार, यह गिरोह ऑनलाइन बेटिंग ऐप चलाकर लोगों को लुभाता था और उनसे ठगी करता था। आरोपियों ने कॉल सेंटर के रूप में नेटवर्क संचालित किया था, जिसमें वीपीएन और फर्जी ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों (अमेरिका, बांग्लादेश आदि) से भी ठगी की जा रही थी। जांच में पता चला कि 23 जनवरी को गौतमबुद्धनगर के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल प्राप्त हुए थे। इन ई-मेल की तकनीकी जांच से एसटीएफ को गिरोह तक पहुंचने में सफलता मिली। धमकी वाले ई-मेल अमेरिका से भेजे गए थे, जबकि रिकवरी मेल का लिंक बांग्लादेश से जुड़ा था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अमीष जंग कारकी (नेपाल), अनन्त कुमार (आगरा), दिव्याशु (बिहार), साहिल कुमार (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल) और केदारनाथ (नेपाल) के रूप में हुई है। इनके कब्जे से कुल 22 मोबाइल फोन, 04 लैपटॉप, 02 नेपाली पासपोर्ट, 01 पैन कार्ड, 02 कूटरचित आधार कार्ड, 01 नेपाली नागरिकता पहचान पत्र तथा नकद 19,500 रुपये बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र ने बताया कि यह गिरोह संगठित रूप से ठगी कर रहा था और स्कूलों को धमकी देकर दहशत फैलाने का भी प्रयास कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा आगे की जांच में और खुलासे होने की संभावना है। इस मामले में साइबर क्राइम एक्ट, भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध ई-मेल या कॉल पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह कार्रवाई एसटीएफ की "क्राइम के खिलाफ 24/7" मुहिम का हिस्सा है।

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