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मदरहवा कला में एक माह में जले तीन ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों में आक्रोश
घटिया ट्रांसफार्मर लगाए जाने और वर्कशॉप कर्मियों की लापरवाही का आरोप
बलरामपुर। क्षेत्र के मदरहवा कला गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बीते एक माह के भीतर गांव में स्थापित तीन ट्रांसफार्मर जल जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाओं से गांव में अंधेरा छा जाता है, जिससे पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था, घरेलू कार्यों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा निम्न गुणवत्ता के ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं, जो कुछ ही दिनों में खराब हो जाते हैं। उनका कहना है कि समस्या की जड़ रिपेयरिंग केंद्रों पर व्याप्त लापरवाही है। जहां ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जाती है, वहीं से कथित रूप से घटिया स्तर पर तैयार या ठीक किए गए ट्रांसफार्मर दोबारा क्षेत्र में भेज दिए जाते हैं, जो थोड़े ही समय में जल जाते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने के बाद कई-कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। इससे किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच जाती हैं और मोटर चलाने में असमर्थता के कारण सिंचाई कार्य ठप हो जाता है। वहीं गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को विशेष कठिनाई झेलनी पड़ती है।
अमरीका, दिलीप गुप्ता, राजन विश्वकर्मा, हनुमान, प्रभू, छेदी वर्मा, विशाल उपाध्याय और दुर्गेश सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। हर बार केवल अस्थायी मरम्मत कर समस्या को टाल दिया जाता है, जिससे कुछ ही दिनों बाद फिर वही स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रिपेयरिंग स्थल पर गुणवत्ता की जांच ठीक से नहीं की जाती और बिना मानक परीक्षण के ही ट्रांसफार्मर वापस भेज दिए जाते हैं। यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और उच्च गुणवत्ता के नए ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए, तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने, गुणवत्तापूर्ण ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने तथा गांव की विद्युत व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की मांग की है।

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