नहर माइनर की पटरी कटी, पानी गांवों में घुसा, 50 बीघा फसल जलमग्न 

गेहूं और सरसों की फसल प्रभावित

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लालगंज (रायबरेली)। क्षेत्र के जमुआवा गांव के पास नहर माइनर की पटरी कटने से पानी उफनाकर कान्हमऊ गांव तक पहुंच गया। तेज बहाव के कारण पानी खेतों से निकलकर ग्रामीणों के दरवाजों तक भर गया। पानी भरने से करीब 50 बीघा गेहूं और सरसों की फसल प्रभावित हुई। हालांकि समय रहते नहर विभाग ने कुलाबा बंद कराकर स्थिति पर काबू पा लिया। मंगलवार की रात जमुआवा गांव के निकट नहर माइनर की पटरी अचानक कट गई।
 
इससे नहर का पानी आसपास के खेतों में फैल गया। पानी भरने से जमुआवा गांव के रत्नेश, शिवकुमार, भगवती सोनी, रामकुमार, मोहित सविता, शैलेंद्र, पवन यादव, पिंटू सविता, भुल्लन, बालकृष्ण चौरसिया और इंद्रपाल यादव के खेत जलमग्न हो गए। गेहूं और सरसों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। ढलान अधिक होने के कारण पानी आगे बढ़ता चला गया। इससे कान्हमऊ गांव के भुल्लन, शैलेंद्र और नीरज के घरों तक पानी पहुंच गया।ग्रामीणों के दरवाजों पर पानी भर गया।
 
दरवाजों के पास बने प्रसाधन के गड्ढों में पानी भर गया। घरों के बाहर रखी सूखी लकड़ियां, भूसा और उपले भीग गए। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि खेतोँ और दरवाजों के सामने पानी भर गया। इससे उन्हें निकलने में असुविधा का सामना करना पड़ा। कई ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों बाद नहर का पानी उनके गांव तक पहुंचा है।
 
इससे खेतों को नमी मिली है। उनका कहना है कि इससे भूमि का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नहर विभाग के अवर अभियंता सौरभ कुमार ने बताया कि दो दिन पहले नहर की टेल बंद कराई गई थी। आशंका है कि किसी शरारती तत्व ने उसे खोल दिया। दिनेश तिवारी के खेतों के पास पटरी के कुलाबे से पानी निकलकर गांव की ओर बढ़ गया। सूचना मिलते ही मौके पर टीम भेजकर कुलाबा बंद करा दिया गया। अवर अभियंता ने बताया कि जहां जहां कहीं पटरी कटने की संभावना दिखाई दी उसकी भी मरम्मत करा दी गई है।

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