धान खरीद केंद्र कौवापुर पर बिचौलियों की चांदी

 किसान दो माह से भटकने को मजबूर

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कौवापुर (बलरामपुर)। सरकारी धान खरीद व्यवस्था की पोल धन कर केंद्र कौवापुर में खुलकर सामने आ रही है। जहां एक ओर वास्तविक किसान बीते दो माह से अपनी उपज बेचने के लिए केंद्र के चक्कर काटने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर बिचौलिए खुलेआम सरकारी व्यवस्था का फायदा उठाकर चांदी काट रहे हैं।
 
लोहेपनिया निवासी महेंद्र तिवारी, राजकुमार, बुद्ध सागर सेठी, सुंदर सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि केंद्र पर पहुंचने पर उन्हें रोज नए-नए बहाने बनाकर लौटा दिया जाता है। कभी बोरा न होने, कभी सर्वर डाउन, तो कभी स्टाफ की कमी का हवाला देकर किसानों को टाल दिया जाता है।
 
किसानों का आरोप है कि सचिव द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि धान खरीद कर ऑनलाइन प्रविष्टि भी कर दी जाएगी, लेकिन न तो आज तक धान खरीदा गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।बिचौलियों को खुली छूट, किसानों की मेहनत पर डाकाकिसानों का आरोप है कि वास्तविक किसानों को जहां केंद्र से लौटाया जा रहा है, वहीं बिचौलियों द्वारा किसानों से कम दामों पर धान खरीदकर उसी धन कर केंद्र कौवापुर में सरकारी दर पर बिक्री की जा रही है। यह स्थिति खरीद व्यवस्था में गंभीर अनियमितता और मिलीभगत की ओर इशारा करती है।
 
 
सरकारी व्यवस्था पर उठे सवाल
धान खरीद में हो रही इस मनमानी से न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है, बल्कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की साख पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। समय पर धान न बिक पाने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और मजबूरी में अपनी उपज बिचौलियों को औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हैं।
 
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
आक्रोशित किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र ही धान खरीद प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से शुरू नहीं की गई और बिचौलियों व दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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