महिला स्वयं सहायता समूह को मिले चार प्रतिशत ब्याज पर कर्ज

• जनपद में चलेगा रोजगार और सामाजिक अधिकार संवाद

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• इंजीनियर रामकृष्ण बैगा संवाद अभियान के संयोजक बनाए गए

अजीत सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-

 महिला स्वयं सहायता समूहों को चार फीसद ब्याज पर पर्याप्त अनुदान देने, माइक्रो फाइनेंस और निजी बैंकिंग कंपनियों का जिले में पंजीकरण कराने, जनपद से जारी पूंजी पलायन पर रोक लगाकर नौजवानों को नए उद्यम के लिए 10 लाख अनुदान देने,

खेती किसानी को समृद्ध करने, आदिवासी लड़कियों के लिए डिग्री कॉलेज, हर ब्लॉक में आईटीआई व तहसील में पॉलिटेक्निक कालेज खोलने और शिक्षा-स्वास्थ्य को मजबूत करने के सवालों पर जनपद में रोजगार और सामाजिक अधिकार संवाद चलाया जाएगा।

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इस आशय का निर्णय रविवार को रासपहरी स्थित एआईपीएफ कार्यालय पर हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता रामचंद्र पटेल ने की और संचालन कृपा शंकर पनिका ने किया। बैठक में संवाद अभियान के अध्यक्ष मंडल का गठन किया गया इसके संयोजक इंजीनियर रामकृष्ण बैगा को बनाया गया।

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 बैठक में मौजूद ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर ने कहा कि जनपद में बेरोजगारी का आलम यह है की नौजवान लड़के-लड़कियां बड़े पैमाने पर रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। यहां तक की जनपद की 69 फ़ीसदी पूंजी भी दूसरे प्रदेशों में चली जा रही है।

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यहां रोजगार के प्रश्न को हल किया जा सकता है बशर्ते अर्थनीति की दिशा को बदला जाए और जो पैसा दूसरे प्रदेशों में जा रहा है उसे यहां के नौजवानों को उद्योग लगाने के लिए अनुदान के रूप में दिया जाए। महिला स्वयं सहायता समूह सरकार की महत्वपूर्ण योजना है।

लेकिन इसमें नई महाजनी प्रथा दिखती है। सरकार और प्राइवेट माइक्रो फाइनेंस कंपनियां बड़े ब्याज को महिलाओं से ले रही हैं। इसकी जगह कम ब्याज दर पर कर्ज देने को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दलितों आदिवासियों के विकास के लिए आने वाले फंड को किसी दूसरी जगह लगाने की जगह उनके ऊपर ही खर्च किया जाना, सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए।

      बैठक में एआईपीएफ के जिला सचिव इंद्रदेव खरवार, युवा मंच जिला संयोजक सविता गोंड, युवा मंच की अध्यक्ष रूबी सिंह गोंड, मनोहर गोंड, संध्या खरवार, रामविचार गोंड, बिरझन गोंड,ओबरा डिग्री कॉलेज की नेता गुंजा गोंड, सुगवंती गोंड आदि लोगों ने अपनी बात रखी।

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