राष्ट्रीय सेवा योजना सामाजिक संवेदनशीलता और मानव मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम है : प्रो. सत्येंद्र कुमार दूबे

बौद्धिक सत्र में अध्यक्षता करते हुए प्रो. सत्येन्द्र कुमार दुबे (अध्यक्ष, हिन्दी विभाग) ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं के चरित्र निर्माण, सामाजिक

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता 
सिद्धार्थनगर,

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के  राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों — भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई इकाई, महारानी अहिल्या बाई होलकर इकाई एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इकाई — के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर सोमवार को  जनजागरण एवं स्वच्छता अभियान के साथ बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल की स्वच्छता के पश्चात ग्राम संग्रामपुर में जनसंपर्क कर स्वच्छता, सेवा भाव एवं जनसहभागिता के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया।

बौद्धिक सत्र में अध्यक्षता करते हुए प्रो. सत्येन्द्र कुमार दुबे (अध्यक्ष, हिन्दी विभाग) ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं के चरित्र निर्माण, सामाजिक संवेदनशीलता और मानव मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम है। समाज को सकारात्मक दिशा देने में धैर्य, सहनशीलता और सेवा भाव जैसे गुणों का विशेष महत्व है,

जिन्हें एनएसएस के माध्यम से विकसित किया जाता है। मुख्य वक्ता डॉ. अरविन्द कुमार रावत (सहायक आचार्य, लोक प्रशासन विभाग) ने कहा कि आदर्श, मानव मूल्य और लोक संस्कृति के संरक्षण में राष्ट्रीय सेवा योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है। एनएसएस के स्वयंसेवक समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना के साथ एक आदर्श नागरिक के रूप में समाज निर्माण में सक्रिय योगदान देते हैं।

कार्यक्रम में डॉ. विशाल गुप्ता तथा डॉ. विमल चन्द्र वर्मा ने भी राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सौहार्द एवं स्वच्छता के महत्व पर विचार व्यक्त किए। संध्या सत्र में स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाओं द्वारा महिला दिवस, लोक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. यशवन्त यादव के निर्देशन में हुआ। स्वागत एवं आभार डॉ. सरिता सिंह द्वारा व्यक्त किया गया।



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