घरेलू गैस का संकट गहराया, गोलमटोल जवाब से काम चला रहे अधिकारी

जेंसी पर अधिकारी दबाव बनाकर एडवांस रसीदें कटवा रहे हैं। गैस कब मिलेगी इसका जवाब किसी के पास नही है।

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बस्ती।
 
बस्ती जिले मेंघरेलू गैस का संकट गहराता जा रहा है। अधिकारियों के पास इसका कोई सटीक जवाब नही है। गोलमटोल जवाब से अधिकारी काम चला रहे हैं। वहीं पूरे दिन गैस एजेंसियों पर लाइन मे खड़े रहने के बावजूद गैस सिलेंडर नही मिल रहा है। आपूर्ति से कई गुना डिमांड है, इसलिये अधिकारी सवालों का सामना करने से घराब रहे हैं। गैस की किल्लत कब तक रहेगी, प्रशासनिक स्तर पर क्या इसका समाधान है, इसका जवाब गोलमटोल है।
 
एजेंसी पर अधिकारी दबाव बनाकर एडवांस रसीदें कटवा रहे हैं। गैस कब मिलेगी इसका जवाब किसी के पास नही है। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से घरेलू गैस का संकट गहराता जा रहा है। अधिकारियों के पास इसका कोई सटीक जवाब नही है। गोलमटोल जवाब से अधिकारी काम चला रहे हैं। वहीं पूरे दिन गैस एजेंसियों पर लाइन मे खड़े रहने के बावजूद गैस सिलेंडर नही मिल रहा है। आपूर्ति से कई गुना डिमांड है, इसलिये अधिकारी सवालों का सामना करने से घराब रहे हैं।
 
गैस की किल्लत कब तक रहेगी, प्रशासनिक स्तर पर क्या इसका समाधान है, इसका जवाब गोलमटोल है। एजेंसी पर अधिकारी दबाव बनाकर एडवांस रसीदें कटवा रहे हैं। गैस कब मिलेगी इसका जवाब किसी के पास नही है। सूत्रों की माने तो स्टेशन रोड स्थित गैस एजेंसी पर 360 सिलेंडर आये थे, आनन फानन मे सब खत्म हो गये। उपभोक्ताओं की लम्बी लाइन लगी है। सिर फुटव्वल और जूतमपैजार न हो इसके लिये अधिकारी बैठकर एडवांस बुकिंग की रसीद कटवा रहे हैं। 
 
लेकिन उपभोक्ताओं को यह नही पता कि उन्हे गैस कब तक मिलेगी। जिला पूर्ति अधिकारी विमल शुक्ला ने मीडिया दस्तक को बताया कि एडवांस रसीदें कटवाई जा रही हैं। गैस आने पर उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस दी जायेगी। उनके पास सवालों का माकूल जवाब न होने के नाते उन्होने सेल्स मैनेजर का नम्बर दे दिया। सेल्स मैनेजर से बात की गई तो उन्होने कहा हमारे हेड गोरखपुर बैठते हैं उनके नम्बर पर बात कर लीजिये। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि स्थानीय अधिकारियों के पास गैस की किल्लत का समाधान किस स्तर का हैअधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता पैनिक न हों, अफवाहों पर भरोसा न करें, गैस की कमी नही है।
 
अगर गैस की कमी नही है तो एजेंसियों पर लम्बी लाइनें क्यों लगी हैं ? ये बढ़ा सवाल है। कई जिलों मे स्थिति विस्फोटक होने वाली है। गैस की किल्लत को लेकर आ रही खबरों के बाद केंद्र सरकार एक्टिव हो गई है। सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के साथ कई कड़े कदम उठाए हैं, जिससे राहत मिल सकती है। मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं और एस्मा लागू कर दिया है।
 
सरकार ने आम एलपीजी सिलेंडर धारकों से कहा है कि वो घबराएं नहीं और सभी को पर्याप्त गैस आपूर्ति के लिए ठोस इंतजाम किए गए हैं। घरेलू गैस की किल्लत को लेकर केन्द्र सरकार सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रही है। एआई जेनरेटेड वीडियो बनाकर लोग सरकार को घेरने मे जुटे हैं।

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