बलांगीर की हर क्षेत्र में अनदेखी कर रही राज्य सरकार: नरसिंह मिश्र

राजेंद्र विश्वविद्यालय केवल साइनबोर्ड बनकर रह गया

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महिला कॉलेज के +2 विज्ञान विभाग में एक भी शिक्षक नहीं
 
संस्कृत महाविद्यालय में केवल दो शिक्षक के भरोसे पढ़ाई
 
बलांगीर-उड़ीसा 
 
पूर्व कानून मंत्री Narasimha Mishra ने आरोप लगाया है कि राज्य में सरकार बदलने के बावजूद बलांगीर जिले की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले की तरह अब भी जिले की लगातार अनदेखी की जा रही है।
 
एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र की स्थिति बेहद चिंताजनक है। Rajendra University में कुल 126 पदों में से लगभग 100 पद खाली पड़े हैं और गैर-शिक्षकीय पदों पर भी एक भी कर्मचारी नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में मुख्य रूप से शोध कार्य होना चाहिए, लेकिन कर्मचारियों की भारी कमी के कारण यहां छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
 
उन्होंने बताया कि Government Women's College Balangir के +2 विज्ञान विभाग की स्थिति और भी खराब है, जहां आज तक एक भी अध्यापक नियुक्त नहीं किया गया है, फिर भी किसी तरह पढ़ाई जारी है।
 
इसी तरह Balangir Sanskrit College में केवल दो शिक्षकों के सहारे पढ़ाई चल रही है। उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि राज्य सरकार बलांगीर को किस नजर से देख रही है।
 
नरसिंह मिश्र ने कहा कि चुनाव के समय वर्तमान सरकार ने कई वादे किए थे, जिनमें देओगांव चीनी मिल को फिर से चालू करने का वादा भी शामिल था। लेकिन सरकार बनने के करीब दो साल बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और केवल “प्रक्रिया चल रही है” कहकर बात टाल दी जा रही है।
 
उन्होंने यह भी कहा कि Lower Suktel Dam परियोजना का पूर्व सरकार ने अधूरे रूप में उद्घाटन किया था। सरकार बदले दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का वादा पूरा नहीं किया गया है।
 
हालांकि उन्होंने बताया कि लोअर सुक्तेल डैम के नीचे एक मिनी स्टेडियम और पार्क बनाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi से मुलाकात कर अनुरोध किया था, जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है।
 
नरसिंह मिश्र ने कानून-व्यवस्था की स्थिति, धान खरीदी में अव्यवस्था, सुभद्रा योजना, वृद्धावस्था पेंशन, दादन मजदूरी रोकने के नाम पर झूठे वादे और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कड़ी आलोचना की।
 
उन्होंने सवाल उठाया कि स्थानीय विधायक बलांगीर के विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में क्यों नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के करीब दो साल बाद भी बलांगीर विधानसभा क्षेत्र में शुरू हुई कोई भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी है।
 
इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता मनीष मिश्र, असित मिश्र, बुलु दानी, कैलाश मिश्र, चिन्मय बेहरा, किरण सेठ, संजय मिश्र, मानस महांति, टिटू राणा, ज्योतिष मुगरी और सानंद मिश्र सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित थे।

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