खुनियांव ब्लाक ग्राम पंचायत करही खास में मनरेगा घोटाले का पर्दाफाश प्रधान और सचिव समेत कई पर गिरी गाज,  ₹2.17 लाख की वसूली का आदेश

शिकायत में आरोप था कि ग्राम प्रधान द्वारा बिना कार्य कराए फर्जी तरीके से धन निकासी की जा रही है और विरोध करने पर डराया-धमकाया जाता है।

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 स्वतंत्र प्रभात संवाददाता 
सिद्धार्थनगर।
 
जिले के  खुनियांव ब्लाक के  ग्राम पंचायत करही खास में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है।  सुधीर कुमार पाण्डेय  लोकपाल (मनरेगा) सिद्धार्थनगर द्वारा की गई जांच में बिना कार्य कराए फर्जी मस्टर रोल के जरिए ₹2,17,836 के सरकारी धन के गबन की पुष्टि हुई है। ग्राम पंचायत करही खास निवासी अजहर अहमद पुत्र अब्दुल रऊफ ने 11 सितंबर 2025 को लोकपाल कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
 
शिकायत में आरोप था कि ग्राम प्रधान द्वारा बिना कार्य कराए फर्जी तरीके से धन निकासी की जा रही है और विरोध करने पर डराया-धमकाया जाता है। हालांकि शुरूआती जांच में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने इसे चुनावी रंजिश बताकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की थी।  लेकिन जब लोकपाल द्वारा 16 जनवरी 2026 को किए गए भौतिक सत्यापन में पाया गया कि बेकारू के खेत से अक्कडारी नाले तक नाला खुदाई के नाम पर स्वीकृत ₹2.47 लाख में से ₹2,17,836 का भुगतान फर्जी तरीके से किया जा चुका है।
 
और मौके पर नाला खुदाई का कोई नया कार्य नहीं मिला वहां पुरानी खुदाई और घास-फूस पाए गए। साथ ही, कार्यस्थल पर कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगा था। लोकपाल ने इस गबन के लिए निम्नलिखित को दोषी पाया है जिसमें  समसुद्दीन (वर्तमान ग्राम प्रधान) और पियूष पाण्डेय (ग्राम पंचायत अधिकारी/सचिव) ग्राम रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक, कार्यक्रम अधिकारी, व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी। गबन की गई धनराशि ₹2,17,836 की वसूली संबंधित कर्मियों से समानुसार  में  राजकीय कोष में जमा करने का आदेश दिया  है,  
 
और मनरेगा अधिनियम की धारा 25 के तहत सभी दोषियों पर 1000-1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।  साथ ही दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराने और विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गई है। लोकपाल मनरेगा सुधीर कुमार पांडेय  ने स्पष्ट किया कि अभिलेखों को छिपाना और जांच में सहयोग न करना अधिनियम का उल्लंघन है, जिसे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की श्रेणी में माना गया है।

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