डेढ़ माह बीता , रागिनी प्रकरण में पुलिस के हाथ खालीपुलिस की प्रताड़ना से सदमें में परिजन 

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बस्ती। बस्ती जिले में पुलिस विभाग इतना भ्रष्ट हो चुकी है पैसा है तो मुकदमा नहीं दर्ज होता हैबीते 10 फरवरी 2025 को विकास क्षेत्र कप्तानगंज के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खपड़ही के परिसर में रागिनी की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में पायी गयी थी जिसको लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार काफी गरम हो गया था। तत्समय पुलिसिया सक्रियता से परिजन न्याय की उम्मीद में शान्त हो गए थे परन्तु जैसे - जैसे समय बीतता गया और कप्तानगंज पुलिस की सुस्ती के चलते डेढ़ माह बीतने के बाद भी रागिनी प्रकरण में पुलिस के हाथ खाली ही खाली हैं ।
 
प्राप्त समाचार के अनुसार रागिनी के मौत प्रकरण में पुलिस द्वारा परिजनों की चल रही पिटाई को लेकर क्षेत्र में तरह - तरह के प्रश्न दागे जा रहे हैं । अभी दुबौलिया पुलिस की बर्बरता से आदर्श नामक युवक की जान चली गयी है जिसके कारण पुलिस द्वारा परिजनों के हो रहे उत्पीड़न से मृतक रागिनी के परिजन सदमें में हैं और अपने भविष्य को सोच चिंतित हैं ।
 
दबी जुबान कुछ लोग तो यहाँ तक कह रहे हैं कि चूँकि लाश विद्यालय में बरामद हुई है तो पुलिस सम्बंधित शिक्षक से पूँछताँछ क्यों नहीं कर रही है तथा किस मजबूरी में फंसकर पुलिस शिक्षा विभाग के साथ नरमी बरत रही है । वैसे रागिनी मौत प्रकरण किसी नाटकीय घटना जैसे घटते जा रहा है और पीछे - पीछे तमाशगीर बनी पुलिस निहारती जा रही है परन्तु पुलिस के पास मौत के कारणों का सटीक  जवाब अभी तक नहीं हैं ।
 
रागिनी की मौत के बाद उसे दफनाने और दफनाने हेतु उकसाने वालों पर यदि पुलिस अपनी पैनी नजर रखे तो शायद मामला समाधान की ओर बढ़े । वैसे रागिनी मौत प्रकरण में पुलिस की काफी फजीहत व किरकरी हो चुकी है और फजीहत व किरकिरी के बादल फिरहाल अभी जल्द छँटने के आसार भी नहीं दिख रहे हैं।

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