राजनीति
वन रेंज धौरहरा क्षेत्र में लकड़कट्टो ने बगैर परमिट काट डाले 22 आम के पेड़
• वनकर्मियोंं ने जलौनी लकड़ी बता कर झाड़ा पल्ला
लखीमपुर खीरी। जहां सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत यूपी को ग्रीन यूपी बनाने का प्रयास किया जा रहा है वहीं वन रेंज धौरहरा में तैनात वनकर्मियों द्वारा धड़ल्ले से प्रतिबंधित पेड़ों का कटान करवा कर सीएम साहब के सपनों को पलीता लगाया जा रहा है। ताजा मामला वनरेंज क्षेत्र के एक गांव का है जहां वन विभाग व पुलिस विभाग की मिली भगत के चलते लकड़ कट्टों ने बगैर परमिट 22 आम के प्रतिबंधित पेड़ काट डाले।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना ईसानगर क्षेत्र के सिसैया ईसानगर मार्ग पर स्थित इमलिया गांव में लकड़कट्टो ने बगैर परमिट करीब 22 आम के पेड़ काट डाले और लकड़ी उठा ले गए। अवैध कटान की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन रेंज धौरहरा में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को दी गई लेकिन फिर भी लकड़कट्टो द्वारा 22 पेड़ों के बाग का सफाया कर दिया गया । वनक्षेत्राधिकारी धौरहरा नृपेंद्र चतुर्वेदी की माने तो अवैध कटान की सूचना मिलने पर वन दरोगा नरेंद्र सिंह व वनरक्षक उत्तम पांडे को पड़ताल के लिए भेजा गया था।
लेकिन उक्त कर्मियों द्वारा अवैध कटान को जलाने योग्य लकड़ी बता कर उन्हें गुमराह कर दिया गया। वन दरोगा नरेंद्र सिंह व वनरक्षक उत्तम पांडे के मौके तक पहुंचने के बाद भी अवैध कटान होना व अवैध कटान की शिनाख्त मिटाने का प्रयास करना कहीं ना कहीं उक्त लोगों की संलिप्तता को उजागर कर रहा है। फिलहाल अवैध कटान होने के बाद वन क्षेत्राधिकारी धौरहरा ने सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
लकड़कट्टो ने जे सी बी से जड़ें खोदकर पेड़ों की शिनाख्त मिटाने का किया प्रयास।
वन रेंज धौरहरा क्षेत्र में लकड़कट्टो व वनकर्मियों की जुगलबंदी पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन गई है। वन कर्मियों की मिली भगत के चलते लकड़कट्टे अवैध पेड़ों का कटान कर जेसीबी का प्रयोग करते हुए जड़ें खोदकर शिनाख्त मिटाते हैं जिससे अवैध कटान का कोई सबूत न रहे । वहीं क्षेत्रीय वनकर्मियों की सह पर दर्जनों आम के बगीचों का सफाया किया जा चुका है। जिससे धौरहरा में तैनात वनकर्मियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

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