ऐसी क्या मजबूरी है मैडम जी जो आरोपों से चौतरफा घिरे लेखपाल कैलाश वर्मा पर नहीं हो पा रही कार्यवाही

कहीं सत्ता संरक्षण व लक्ष्मी जी की मेहरबानी तो नहीं बन रही बाधा

ऐसी क्या मजबूरी है मैडम जी जो आरोपों से चौतरफा घिरे लेखपाल कैलाश वर्मा पर नहीं हो पा रही कार्यवाही

 
स्वतंत्र प्रभात-
लखीमपुर खीरी । जनपद की तहसील लखीमपुर खीरी में तैनात काफी तेज तर्रार एवं लोकप्रिय एसडीएम द्वारा किए जा रहे कार्यों की हो रही सराहना पर उस समय विराम सा लग जाता है जब मामला 11 वर्षों से तहसील लखीमपुर में तैनात रहे लेखपाल कैलाश वर्मा का आता है हर कोई एक ही बात कहते हुए सुनाई पड़ता है जब कई शिकायतों में इन लेखपाल साहब पर लगाए गए आरोप साबित हो चुके हैं प्रथम दृष्टया तो आखिर इनके विरुद्ध विभागीय अनुशासत्मक कार्यवाही में जिम्मेदारों द्वारा विलंब क्यों किया जा रहा है कहीं सत्ता का संरक्षण तो रुकावट नहीं पैदा कर रहा है।
 
 
यदि ऐसा ही होता रहा तो कर्मचारियों के दिलो दिमाग से जांच एवं कार्यवाही का भय ही समाप्त हो जाएगा और कर्मचारी जनता के साथ नंगा नाच नाचना शुरू कर देंगे बताते चलें लेखपाल कैलाश वर्मा द्वारा अपने शहर की लेखपाली कार्यकाल में ना जाने कितनी ग्राम समाज व अन्य सरकारी जमीने तालाबों को शहर के नामचीन लोगों व रसूखदारों और प्रॉपर्टी डीलरों के हाथों में सौंपकर अपना मेहनताना हासिल कर लिए जाने की चर्चाएं कई बार सुर्खियों में पहले भी बन चुकी हैं इनके द्वारा सैधरी गांव में स्थित तालाब व देवकली रोड स्थित एक पुराने ताल को अपने साजातियों के हाथों पटवाकर पक्के निर्माण कराए जाने तथा लखीमपुर देहात ग्राम पंचायत में मरघट की जमीन पर भी सैकड़ों मकान इनके कार्यकाल में ही बना लिए गए हैं लेकिन लेखपाल साहब द्वारा आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं की जो इनकी क्षमता को दर्शाती है
 
 
 
Foto..01इतना सब कुछ होने के बाद और कई आरोपों की जांच में आरोप सत्य पाए जाने के बावजूद लेखपाल कैलाश वर्मा पर कार्यवाही ना होना चर्चा का विषय बना हुआ है और तहसील सदर के जिम्मेदार पर उठ रहे हैं तरह तरह के सवाल अब देखना यह है कि एसडीएम सदर उक्त लेखपाल को निलंबित करने की प्रक्रिया करती है अथवा मामले में दोषी लेखपाल को और अवसर देंगी या तो समय ही बताएगा कि ऊट किस करवट बैठेगा।

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