डीएम के निरीक्षण में बड़े विलेख में मिली स्टांप शुल्क की कमी

जनपद में राजस्व हितों की सुरक्षा एवं स्टांप शुल्क की वास्तविक देयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार द्वारा पंजीकृत बड़े विलेखों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।

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भदोही। जनपद में राजस्व हितों की सुरक्षा एवं स्टांप शुल्क की वास्तविक देयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार द्वारा पंजीकृत बड़े विलेखों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी ने हरिरामपुर स्थित एक संपत्ति का स्थल निरीक्षण कर स्टांप शुल्क एवं निबंधन शुल्क की जांच की।
 
निरीक्षण के दौरान मौजा हरिरामपुर की आराजी संख्या 25 मि., रकबा 880 वर्ग मीटर अकृषिक भूमि का परीक्षण किया गया। उक्त भूमि का निबंधन 18 अप्रैल 2026 को कराया गया था। विलेख में संपत्ति का मूल्यांकन लगभग 2 करोड़ 5 लाख रुपये दर्शाते हुए 14 लाख 42 हजार रुपये स्टांप शुल्क जमा किया गया था।
 
जांच में पाया गया कि संपत्ति पर लोहे का बड़ा गेट, बाउंड्रीवाल एवं अन्य परिसंपत्तियां मौजूद थीं, जिनका समुचित विवरण विलेख में शामिल नहीं किया गया था। स्थल निरीक्षण के दौरान उत्तर दिशा में लगभग 25 रनिंग मीटर तथा पूरब दिशा में लगभग 12 रनिंग मीटर लंबी बाउंड्रीवाल निर्मित मिली। परिसर में चार पेड़ भी पाए गए।
 
जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में कुल 43 हजार 360 रुपये की स्टांप शुल्क एवं निबंधन शुल्क की कमी पाई गई। मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
 
निरीक्षण के दौरान सहायक महानिरीक्षक निबंधन भदोही एवं नायब तहसीलदार भदोही भी उपस्थित रहे।
 
 

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