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पुलिस महानिरीक्षक, विन्ध्याचल परिक्षेत्र ने किया जनपद सोनभद्र का वार्षिक निरीक्षण , दिये आवश्यक दिशा निर्देश
विस्तृत समीक्षा बैठक सम्पन्न,जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित निस्तारण पर जोर
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
पुलिस महानिरीक्षक, विन्ध्याचल परिक्षेत्र, मीरजापुर आर.पी. सिंह द्वारा बुधवार दिनांक 06.05.2026 को जनपद सोनभद्र के वार्षिक निरीक्षण के द्वितीय दिवस पर पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण किया गया। निरीक्षण के दौरान फील्ड यूनिट, जिला नियंत्रण कक्ष और स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) के कार्यों की समीक्षा कर संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

तत्पश्चात, जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक (Crime Meeting) आयोजित की गई। इस बैठक में निम्नलिखित एजेंडा बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई एवं प्रगति की समीक्षा की गई । समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रूणवाल, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार, समस्त क्षेत्राधिकारी, जनपद के समस्त थाना प्रभारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक के मुख्य एजेंडा बिन्दु- दिनांक 30-04-2026 तक सर्किलवार/थानावार लम्बित कुल विवेचनाओं की समीक्षा, 60/90 दिवस की समयसीमा में निस्तारण हेतु लम्बित विवेचनाओं का संख्यात्मक विवरण, एनसीआर (NCR) के लम्बित विवेचनाओं की वर्तमान स्थिति,
विवेचनोपरान्त प्रेषित आरोप पत्र (Charge Sheet) / अन्तिम रिपोर्ट जो अब तक न्यायालय में दाखिल नहीं हो सकी है, उनका वर्षवार विवरण। वांछित अपराधियों एवं पुरस्कार घोषित अपराधियों के विरुद्ध की गयी कार्यवाही का विवरण, जनपद स्तर पर चिन्हित टॉप-10 अपराधियों की सूची एवं उनके विरुद्ध कृत कार्यवाही, विभिन्न प्रकार के चिन्हित माफियाओं के विरुद्ध की गई कठोर दण्डात्मक कार्यवाही, दिनांक 01.01.2026 से 30.04.2026 तक खोले गये एच.एस. (History Sheeters) का विवरण।
इसी तरह गुण्डा एक्ट: गुण्डा एक्ट वादों के विचारण की स्थिति एवं जिलाबदर अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही, गैंगस्टर एक्ट: उ.प्र. गिरोहबन्द अधिनियम के अन्तर्गत की गई कार्यवाही एवं अपराधियों की सम्पत्ति जब्तीकरण का विवरण, पंजीकृत कराये गये गैंगों का संख्यात्मक विवरण, दिनांक 30.04.2026 तक पंजीकृत अवैध धर्मान्तरण के मामलों की समीक्षा। आगे इसी क्रम में भादवि (IPC/BNS), महिला सम्बन्धी अपराध और एससी/एसटी अधिनियम के दो वर्षीय तुलनात्मक आंकड़े,सम्पत्ति सम्बन्धी
अपराधों (लूट, चोरी) में की गई बरामदगी का विवरण, मादक पदार्थों (NDPS) एवं आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत की गई बड़ी बरामदगी एवं अभियुक्तों पर कार्यवाही, गोवध एवं पशु क्रूरता अधिनियम के अन्तर्गत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही।इसी तरह अनावरण हेतु शेष हत्या, लूट, नकबजनी एवं वाहन चोरी के अभियोगों की समीक्षा, एस.आर.ओ. केस (हत्या, दहेज मृत्यु, बलात्कार, डकैती आदि) के लम्बित अभियोगों का वर्तमान स्टेटस।
बैठक के अंत में पुलिस महानिरीक्षक द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पारदर्शी पुलिसिंग जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।अपराध नियंत्रण: चिन्हित अपराधियों और माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जाए।गुणवत्तापूर्ण विवेचना: लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।


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