दिनदहाड़े रेत माफिया का तांडव, महारिकला में नदी का सीना चीरकर सरकारी संपदा पर डाका

अब सवाल उठता है कि आखिर इस खुलेआम लूट पर लगाम कब लगेगी?

राजेश तिवारी Picture
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संतोष कुमार गुप्ता

बीजपुर / सोनभद्र -

जनपद सोनभद्र के महारिकला पिंडारी अंजीर नदी क्षेत्र में अवैध बालू खनन का काला खेल खुलेआम जारी है। ताजा तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह नदी किनारे से बड़े पैमाने पर बालू निकालकर सरकारी संपदा में सेंधमारी की जा रही है। भारी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए दिनदहाड़े रेत की ढुलाई हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं।

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स्थानीय लोगों के अनुसार खनन माफिया बेखौफ होकर नदी की सतह को खोखला कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। तस्वीरों में दिख रहा है कि नदी किनारे गहरे गड्ढे बना दिए गए हैं, जो भविष्य में हादसों को न्योता दे सकते हैं। वहीं कच्चे रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों का आवागमन भी खतरे में पड़ गया है।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा खेल प्रशासन की नजरों के सामने हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।अवैध खनन के कारण न केवल सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि आने वाले समय में जल संकट और भूमि कटान जैसी गंभीर समस्याएं भी खड़ी हो सकती हैं।

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अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस खुलेआम लूट पर लगाम कब लगेगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करेंगे या फिर यूं ही सरकारी संपदा पर डाका पड़ता रहेगा?ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाने की अपील की है, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बचाया जा सके।

इस मामले में पक्ष जानने के लिए जब संबंधित वन क्षेत्राधिकारी सुधीर सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो कॉल रिसीव नहीं हुआ। जिससे संबंधित विभाग का पक्ष सामने नहीं आ सका। अब सवाल यह उठता है कि अवैध खनन जैसे गंभीर मामले पर जिम्मेदार अधिकारी आखिर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?

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