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दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन, जल संचयन की तकनीकों पर हुआ गहन मंथन
उपक्रम संस्था की सह - संस्थापक चंद्र किरण तिवारी ने कहा कि यह पहल जनपद में सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
ब्यूरो रिपोर्ट
कोन / सोनभद्र-
जनपद में जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डाला स्थित उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन द्वारा तरुण्य युवा कार्यक्रम के तहत 27 व 28 फरवरी को दो दिवसीय आवासीय क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय वर्षा जल संचयन एवं वॉटर फिल्ट्रेशन तकनीक रहा, जिसमें पड़रछ ग्राम सभा के टोला भालुकूदर व सतद्वारी के युवाओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम प्रबंधक अंकित मौर्य ने बताया कि पहले दिन क्षमता विकास कार्यशाला की पृष्ठभूमि, आवश्यकता और प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई। दूसरे दिन तकनीकी सत्रों में वर्षा जल संचयन, जल की उपलब्धता, मांग एवं संसाधनों की सैद्धांतिक समझ के साथ साइट विजिट कर व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया। प्रतिभागियों को वर्षा जल संचयन व वर्षा जल शोधन प्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से दिखा कर युवाओं द्वारा वर्षा जल को पीने लायक तैयार करने हेतु फ़िल्टर भी खुद से तैयार किया गया।

चुर्क निवासी डॉ. जय नारायण तिवारी (76 वर्षीय) जो कि पेशे से इंजीनियर है तथा सेवानिवृत्ति के बाद से विगत 10 वर्ष से ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर प्रणाली से कृषि भी कर रहे हैं ।उन्होंने ही युवाओं का वर्षा जल संचयन व शोधन प्रणाली को लेकर प्रशिक्षण दिया एवं कृषि को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्थानीय संसाधनों से वर्षा जल संचयन की व्यवहारिक तकनीक का उत्कृष्ट प्रदर्शन अपने कृषि के लिए किया है। साथ ही ग्राम सभा पड़रछ के भालुकूदर गाँव में सामुदायिक स्तर पर एक पायलट प्रोजेक्ट को प्रायोजित करने की घोषणा की।

कृषि विज्ञान केंद्र सोनभद्र एवं आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध वैज्ञानिक डॉ. रश्मि सिंह ने भी प्रतिभागी युवाओं को जल संरक्षण को पोषण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि से जोड़ते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। कार्यशाला में ड्रिप सिंचाई तकनीक की समझ और कृषि खेत का फील्ड दौरा भी कराया गया। समापन सत्र में प्रतिभागियों ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
उपक्रम संस्था की सह - संस्थापक चंद्र किरण तिवारी ने कहा कि यह पहल जनपद में सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम लेना और युवाओं को इसके लिए तैयार करना है। इस मौके पर कुमुद तिवारी, कार्यक्रम प्रबंधक अंकित मौर्य तथा युवा प्रतिभागी - रूमा, पूनम, अवधेश, दिनेश व चंदन उपस्थित रहे।

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