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टेट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संघों ने किया धरना/ प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा
सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में जिले के शिक्षकों ने गुरुवार को टेट अनिवार्यता के विरोध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करके जिला अधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करके प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अमित कुमार सिंह को दिया। उन्होंने ज्ञापन को उचित माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
टीएफआई के उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सभी शिक्षक संघो ने एक मंच पर आकर टेट अनिवार्यता के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए है आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। इस अव्यवहारिक निर्णय के कारण शिक्षक को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। टेट कभी भी, किसी भी सूरत में स्वीकार नही है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री कलीमुल्लाह ने कहा कि इस प्रकार के नियम लागू करके शिक्षकों को निकालने की साजिश है और बेसिक शिक्षा विभाग को प्राइवेटाइजेशन की तरफ बढ़ता हुआ कदम है, जिसे शिक्षक समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा, और इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि इस निर्णय के कारण शिक्षकों के मान सम्मान को ठेस पहुंची है। जब कई नौकरियों के लिए अनुभव को आधार बनाया गया है तो इतने अनुभवी शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता पूर्णतः अव्यवहारिक है, जो स्वीकार नही है। केंद्र सरकार की चुप्पी के कारण शिक्षक सड़क पर उतरने को मजबूर हुआ है। पूर्व माध्यमिक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र ने कहा कि इससे पहले 22 फरवरी को टेट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने एक बड़ा ट्विटर अभियान चलाया था।
इस अभियान के माध्यम से उन्होंने अपनी मांगों को सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक पहुंचाया था। लेकिन सरकार चुप है, इससे शिक्षक असमंजस की स्थिति में है।कार्यक्रम को विनय कुमार शुक्ला, संजय कन्नौजिया, बृजकिशोर तिवारी, आरिफ उस्मानी, करुणेश मौर्य अनीता आदि में भी संबोधित किया तथा कार्यक्रम का संचालन प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने किया। इस दौरान लालजी यादव, अरुण सिंह, सुधाकर मिश्रा, इंद्रसेन सिंह, नगमा बानो, नाज परवीन तसनीम जहां, कामिनी गुप्ता, रुचि त्यागी, जया शुक्ला शशिकांत, अनीता यादव, मस्तराम चौधरी, शैलेन्द्र कुमार मिश्र, सावित्री चौधरी आदि उपस्थित रहे।

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