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पीटा, बोला- मेरे दफ्तर में घुसा क्यों ?
इस दौरान थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों और कुछ अन्य लोगों ने भी पूरी घटना देखी
ब्यूरो प्रयागराज- उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाने वाली एक शर्मनाक घटना सहारनपुर के थाना फतेहपुर से सामने आई है। यहाँ मोबाइल टावर से बैटरी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुँचे 72 वर्षीय रिटायर्ड डिप्टी एसपी (सीओ) के साथ थाना प्रभारी ने कथित तौर पर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की। मामले के तूल पकड़ने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
रिटायर्ड डिप्टी एसपी सुरेशवीर सिंह वर्तमान में एक सिक्योरिटी कंपनी में कार्यरत हैं। मार्च 2026 में थाना फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम बढ़ेड़ी घोघू में लगे मोबाइल टावर से 24 बैटरियां चोरी हो गई थीं। इस संबंध में सिक्योरिटी सुपरवाइजर रिफाकत हुसैन ने 23 मार्च को ही थाना फतेहपुर में लिखित तहरीर दी थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और मामले को टालती रही। जब 20 दिन बीत जाने पर भी कार्रवाई नहीं हुई, तो 10 अप्रैल 2026 को सुरेशवीर सिंह स्वयं सिक्योरिटी कंपनी के अधिकारियों के साथ थाना फतेहपुर पहुँचे।
एफआईआर में लगाए गए आरोपों के अनुसार, उस समय थाना प्रभारी विनय कुमार शर्मा अपने कार्यालय में बैठे थे। सुरेशवीर सिंह ने अनुमति लेकर अंदर जाकर तहरीर दी और रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया। आरोप है कि इस पर इंस्पेक्टर विनय कुमार शर्मा भड़क गए और चिल्लाते हुए कहा, "तू रिटायर्ड सीओ बताकर मेरे कार्यालय में क्यों घुसा ?" एफआईआर में आरोप है कि थाना प्रभारी ने धमकी देते हुए कहा कि “यहां से भाग जा, नहीं तो बहुत महंगा पड़ेगा। चोरी की रिपोर्ट भी नहीं लिखूंगा।” इस दौरान थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों और कुछ अन्य लोगों ने भी पूरी घटना देखी।
शिकायत के अनुसार, इंस्पेक्टर विनय कुमार शर्मा ने कुर्सी से उठकर रिटायर्ड डिप्टी एसपी का कॉलर पकड़ लिया और उन्हें जोर से धक्का दे दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इंस्पेक्टर यहीं नहीं रुके, उन्होंने अभद्रता की सारी हदें पार करते हुए गाली-गलौज की और पूर्व अधिकारी को धकियाते हुए थाने के गेट से बाहर निकाल दिया। उन्हें धमकी दी गई कि "यहाँ से भाग जा, नहीं तो महंगा पड़ेगा, चोरी की रिपोर्ट भी नहीं लिखूँगा।"
एक पूर्व पुलिस अधिकारी के साथ विभाग के ही मौजूदा इंस्पेक्टर द्वारा किए गए इस दुर्व्यवहार से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुँचा तो एसएसपी ने तत्काल संज्ञान लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है कि जब विभाग के पूर्व अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा। रिटायर्ड पीपीएस एसोसिएशन के अफसर इस मामले में सोमवार को एडीजी भानु भास्कर से मिलकर उनसे भी अपनी शिकायत दर्ज करेंगे।


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