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UP में फिर एक्टिव हुआ बच्चा चोर गिरोह! कानपुर के बाद श्रावस्ती में पकड़ी गई महिला, लोगों में भारी दहशत
चॉकलेट का लालच देकर बच्चों को ले जाने की कोशिश ,कानपुर में बोरे में भरकर ले जा रही थी बच्ची, इलाके में दहशत का माहौल
श्रावस्ती/कानपुर:
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बच्चा चोरी की घटनाओं ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। कानपुर में बच्ची को बोरे में भरकर ले जाने की कोशिश के बाद अब श्रावस्ती जिले में भी एक संदिग्ध महिला को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया। आरोप है कि महिला बच्चों को चॉकलेट और टॉफी का लालच देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रही थी। हालांकि पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते हुए छोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों में डर और नाराज़गी दोनों बढ़ गए हैं।
चॉकलेट का लालच देकर बच्चों को ले जाने की कोशिश
मामला श्रावस्ती जिले के चौगोई क्षेत्र के जोगिया गांव का है। शनिवार को गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक संदिग्ध महिला बच्चों को चॉकलेट और टॉफी देने के बहाने अपने पास बुला रही थी। ग्रामीणों के अनुसार महिला बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रही थी। शक होने पर ग्रामीणों ने महिला को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस महिला को हिरासत में लेकर थाने ले गई, लेकिन पूछताछ के बाद उसे मानसिक रोगी बताते हुए छोड़ दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गांव के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
कानपुर में बोरे में भरकर ले जा रही थी बच्ची
इससे पहले कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में एक महिला दो साल की बच्ची को टॉफी का लालच देकर अपने साथ ले गई थी। आरोप है कि महिला ने बच्ची को बोरे में भर लिया और उसे पीठ पर लादकर भागने लगी।
बोरे के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को शक हुआ। लोगों ने महिला को पकड़कर बोरा खोला तो बच्ची अंदर से बरामद हुई। इसके बाद लोगों ने बच्ची को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया और महिला को पुलिस के हवाले कर दिया।
इलाके में दहशत का माहौल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस को ऐसे मामलों में गंभीरता से जांच कर गिरोह की सच्चाई सामने लानी चाहिए।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर तुरंत सूचना दें और बच्चों को अकेला न छोड़ें। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक डर का माहौल बना रहेगा।

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