गॉर यमुना सिटी Gaur Yamuna City में अवैध पेनल्टी व NOC विवाद, खरीदारों ने YEIDA से की निष्पक्ष जांच की मांग

उपमुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला, फिर भी जारी रही वसूली NOC के नाम पर OTS और शपथपत्र पर हस्ताक्षर का दबाव

Swatantra Prabhat Picture
Published On

 

ग्रेटर नोएडा।

गॉर यमुना सिटी (gaur Yamuna City) के एलएफडी-3 सेक्टर स्थित ‘3rd पार्क व्यू’ प्रोजेक्ट में कथित अवैध निर्माण पेनल्टी और एनओसी (NOC) को लेकर प्लॉट खरीदारों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। खरीदारों ने इस संबंध में Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को औपचारिक शिकायत सौंपकर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

यह मामला Greater Noida क्षेत्र में स्थित परियोजना से जुड़ा है, जिसे Gaursons Realtech Pvt. Ltd. द्वारा विकसित किया गया है। शिकायत में कंपनी के प्रबंध निदेशक Manoj Gaur सहित अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


बिना प्रावधान के निर्माण पेनल्टी वसूली का आरोप

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि एलएफडी-3 योजना की मूल लीज डीड में कहीं भी निर्माण पेनल्टी का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद डेवलपर द्वारा “कंस्ट्रक्शन पेनल्टी” के नाम पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की वसूली की गई।

टहारा सुखनी सायफन में किनारे लेटा दिखा विशालकाय मगरमच्छ Read More टहारा सुखनी सायफन में किनारे लेटा दिखा विशालकाय मगरमच्छ

गॉर यमुना सिटी में अवैध पेनल्टी व NOC विवाद, खरीदारों ने YEIDA से की निष्पक्ष जांच की मांग

Haryana: हरियाणा में ACB टीम का एक्शन, पटवारी और सहायक रिश्वत लेते गिरफ्तार Read More Haryana: हरियाणा में ACB टीम का एक्शन, पटवारी और सहायक रिश्वत लेते गिरफ्तार

खरीदारों के अनुसार:

 

  • अलग-अलग आवंटियों को अलग-अलग निर्माण समय सीमा दी गई।

    Vande Mataram New Guideline: विवादित पंक्तियां जो पहले हटाई गई थीं, अब फिर जोड़ी गईं Read More Vande Mataram New Guideline: विवादित पंक्तियां जो पहले हटाई गई थीं, अब फिर जोड़ी गईं

  • कुछ को 2 वर्ष, कुछ को 3 वर्ष और कुछ को इससे भी कम अवधि में निर्माण पूरा करने का नोटिस दिया गया।

  • निर्धारित समय में निर्माण न होने पर भारी जुर्माना लगाया गया।

  • कई मामलों में बिना लिखित नोटिस के ही राशि खाते में जोड़ दी गई।

इस मनमानी व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में खरीदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।


उपमुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला, फिर भी जारी रही वसूली

खरीदारों ने बताया कि मामला उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya तक पहुंचने के बाद YEIDA ने लिखित रूप से स्पष्ट किया था कि संबंधित योजना में निर्माण पेनल्टी का कोई प्रावधान नहीं है।

इसके बावजूद आरोप है कि:

  • डेवलपर ने वसूली बंद नहीं की।

  • पुराने बकाये के नाम पर रजिस्ट्री और अन्य सुविधाएं रोकी गईं।

  • भुगतान न करने पर मानसिक दबाव बनाया गया।


NOC के नाम पर OTS और शपथपत्र पर हस्ताक्षर का दबाव

शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिजली और पानी कनेक्शन के लिए आवश्यक NOC देने से पहले खरीदारों पर एकतरफा OTS (One Time Settlement) समझौते और शपथपत्र पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया जा रहा है।

खरीदारों के मुताबिक:

  • OTS में डेवलपर की शर्तें ही शामिल होती हैं।

  • भविष्य में कानूनी कार्रवाई का अधिकार सीमित किया जाता है।

  • विवादित राशि को “स्वीकृत” दिखाया जाता है।

इसे खरीदार अपने अधिकारों का हनन बता रहे हैं।


बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद मेंटेनेंस शुल्क

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि परियोजना में अब तक कई बुनियादी सुविधाएं अधूरी हैं, जैसे—

  • आंतरिक सड़कें

  • ड्रेनेज सिस्टम

  • स्ट्रीट लाइट

  • जल निकासी व्यवस्था

  • सामुदायिक सुविधाएं

इसके बावजूद खरीदारों से नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क वसूला जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि बिना सुविधा दिए शुल्क लेना अनुचित है।

 


RWA/AOA गठन में देरी

खरीदारों ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना में अब तक RWA (Resident Welfare Association) और AOA (Association of Allottees) का विधिवत गठन नहीं किया गया है, जिससे खरीदारों को सामूहिक रूप से अपने अधिकारों की रक्षा करने में कठिनाई हो रही है।

उनका कहना है कि जानबूझकर संगठन निर्माण में देरी की जा रही है, ताकि डेवलपर का नियंत्रण बना रहे।


खरीदारों की प्रमुख मांगें

शिकायतकर्ताओं ने YEIDA से निम्न मांगें की हैं—

  1. पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।

  2. अवैध रूप से वसूली गई पेनल्टी राशि लौटाई जाए या समायोजित की जाए।

  3. बिना शर्त NOC जारी की जाए।

  4. सभी बुनियादी सुविधाएं शीघ्र पूरी कराई जाएं।

  5. दोषी अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

  6. RWA/AOA का शीघ्र गठन कराया जाए।


बड़ी संख्या में प्लॉट धारक प्रभावित

खरीदारों के अनुसार, इस मामले से सैकड़ों प्लॉट धारक प्रभावित हैं। कई लोगों ने जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर यहां प्लॉट खरीदे थे, लेकिन लगातार विवाद और अतिरिक्त शुल्क के कारण वे मानसिक और आर्थिक तनाव में हैं।

खरीदारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन और कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

फिलहाल सभी की नजरें YEIDA की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और प्रभावित खरीदारों को न्याय कब मिलेगा।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार