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चोपन में अनियंत्रित ट्रेलर का तांडव, 5 दुकानें जमींदोज खनन और ओवरलोडिंग बनी काल
खनन क्षेत्र से जुड़े अधिकांश विना फिटनेस बड़े वाहन सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं, संबंधित विभाग मौन
अजित सिंह ( ब्यूरो) के साथ कु. रीता की रिपोर्ट
जनपद के चोपन नगर में आज भोर के समय एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसने प्रशासन की मुस्तैदी और भारी वाहनों की फिटनेस पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। तड़के लगभग 3:45 बजे, एक अनियंत्रित और ओवरलोड ट्रेलर हाईवे के किनारे स्थित लगभग पांच दुकानों को रौंदते हुए निकल गया। इस हादसे में दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रेलर की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक नियंत्रण खो बैठा।

आशंका जताई जा रही है कि चालक नशे की हालत में था। गनीमत यह रही कि हादसा भोर के समय हुआ जब दुकानों में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। जनपद सोनभद्र में ओवरलोड गाड़ियां और खनन में लगे भारी वाहन अब आम जनता के लिए काल साबित हो रहे हैं। आंकड़ों और स्थानीय विमर्श पर गौर करें तो जिले में प्रतिदिन औसतन 8 से 10 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं। खनन कार्य में लगे अधिकांश 10 चक्का और उससे बड़े वाहन फिटनेस के मानकों पर खरे नहीं उतरते, फिर भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन के नाम पर प्रतिदिन बलि दी जा रही है, लेकिन सरकार और प्रशासन इन भारी वाहनों पर नकेल कसने में विफल रहे हैं।
लगातार होते इन हादसों से स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। क्षेत्र की जनता ने सरकार से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने की मांग की है। रिहायशी इलाकों और मुख्य हाईवे पर 10 चक्का से ऊपर की बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं। खनन में लगी उन गाड़ियों को तत्काल सीज किया जाए जो तकनीकी रूप से अनफिट हैं। रात के समय चलने वाले ट्रकों और ट्रेलरों के चालकों की नियमित ब्रेथ एनालाइजर जांच हो। सोनभद्र की सड़कें अब सफर के लिए नहीं, बल्कि मौत के लिए जानी जाने लगी हैं। जब तक ओवरलोडिंग और अनियंत्रित भारी वाहनों पर स्थाई प्रतिबंध नहीं लगेगा, मासूमों की जान जाती रहेगी।

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