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गौ माता को राज्य दर्जा दो वरना आंदोलन: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का CM योगी को अल्टीमेटम
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- अगर CM योगी ने 10 मार्च तक नहीं लिया फैसला तो…
वाराणसी/लखनऊ।
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार को गौ संरक्षण के मुद्दे पर कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 मार्च तक गाय को “राज्य माता” का दर्जा देने और प्रदेश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय नहीं लेते हैं, तो 11 मार्च को हिंदू समाज के लोगों से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचने का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के जरिए मुख्यमंत्री पर निर्णय लेने का दबाव बनाया जाएगा और समाज से उनका विरोध करने की अपील की जाएगी।
विद्या मठ में प्रेस कॉन्फ्रेंस
वाराणसी स्थित विद्या मठ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण के मुद्दे पर अपेक्षित कदम नहीं उठा रही है, जबकि चुनावों और सार्वजनिक मंचों पर इस विषय को प्रमुखता से उठाया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि 10 मार्च तक सरकार को इस संबंध में ठोस और सार्वजनिक निर्णय लेना चाहिए। अन्यथा 11 मार्च को लखनऊ में एकत्र होकर आंदोलन किया जाएगा।
डिप्टी सीएम पर भी टिप्पणी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों के सम्मान की सराहना करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यह अच्छा कदम है, लेकिन प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री वास्तविक निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना था कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए कानून-व्यवस्था और कार्रवाई से जुड़े फैसले उन्हीं के स्तर पर होते हैं।
‘गौरक्षा पर ममता सरकार बेहतर’
शंकराचार्य ने पशुगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि 2019 से 2024 के बीच पश्चिम बंगाल में गायों की संख्या में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है, जबकि इसी अवधि में उत्तर प्रदेश में गायों की संख्या में चार प्रतिशत से अधिक कमी आई है।
उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर यह कहना पड़ेगा कि गौ संरक्षण के मामले में पश्चिम बंगाल की स्थिति उत्तर प्रदेश से बेहतर दिखाई देती है।
भाजपा नेताओं के समर्थन का दावा
शंकराचार्य ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के कई नेता गौ रक्षा के मुद्दे पर उनका समर्थन कर रहे हैं, भले ही वे सार्वजनिक रूप से ऐसा न कह पा रहे हों। उन्होंने कहा कि भविष्य में बनने वाली सरकारों में गौ रक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उनके समर्थन से ही सरकारें बनेंगी।
मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चों से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि संतान संबंधी निर्णय व्यक्तिगत और पारिवारिक विषय है, जिसे गृहस्थों पर ही छोड़ देना चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
शंकराचार्य ने कहा कि यदि सरकार समय रहते कोई निर्णय नहीं लेती है तो 11 मार्च को लखनऊ में बड़ा जमावड़ा किया जाएगा। उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर गौ संरक्षण के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करें।
उन्होंने कहा कि गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिलाना उनका प्रमुख लक्ष्य है और इसके लिए आंदोलन जारी रहेगा।

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