हरियाणा में एनकाउंटर का नया पैटर्न: यूपी की तर्ज पर ‘लेग शॉट’ से हो रही बदमाशों का गिरफ्तारी

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, पिछले साल जनवरी से अब तक 162 मुठभेड़ों में 18 संदिग्ध मारे गए और 221 अन्य घायल हुए.

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गुरुग्राम: 

गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे एक संदिग्ध के दोनों पैरों में गोली मारी गई. पुलिस ने कहा कि रोहतक के बेरी रोड पर जब क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) की टीम ने उसे घेर लिया, तो उसने फायरिंग की. इसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई.

सीआईए-1 के प्रभारी कुलदीप ने कहा कि एक गोली एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के सीने पर लगी, लेकिन सौभाग्य से उन्होंने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहनी थी. आरोपी पर शराब के ठेके पर फायरिंग करने का मामला दर्ज था. उसे इलाज के लिए सांपला के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) ले जाया गया.


रोहतक की यह फायरिंग सामान्य पुलिस कार्रवाई जैसी लग सकती है, लेकिन ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कथित रूप से गैंगस्टर और उगाही करने वाले शामिल थे. इनमें से कई को उनके निचले अंगों में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया.


मंगलवार देर रात, राजस्थान का एक व्यक्ति फरीदाबाद के पाली इलाके में हथियार बरामदगी के दौरान कथित रूप से एक पुलिस अधिकारी से पिस्तौल छीनकर फायरिंग करने लगा. फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है.

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पिछले हफ्ते, यमुनानगर में दो कथित उगाही करने वालों और उनके साथियों को हिरासत में लिया गया. दोनों मुख्य संदिग्ध भी घायल हुए.

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ऐसी ही कार्रवाई फतेहाबाद के टोहाना में भी हुई, जहां ‘बॉक्सर गैंग’ के दो संदिग्ध सदस्यों को घेरा गया. 4 फरवरी को गुरुग्राम के सोहना में भी इसी तरह का ऑपरेशन हुआ.

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फिर 31 जनवरी को, गुरुग्राम में पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करते समय एक आरोपी के पैर में गोली मारी गई और दूसरे को फ्रैक्चर हो गया.

क्या यह राज्य की मंजूरी से?

हरियाणा पुलिस, खासकर गुरुग्राम और फतेहाबाद में, इन घायल आरोपियों की तस्वीरें नियमित रूप से सोशल मीडिया पर डाल रही है—अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए लोग, जिनके पैरों पर पट्टी बंधी होती है.

इन तस्वीरों के साथ हथियार बरामदगी और आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी दी जाती है. साफ तौर पर इसका मकसद यह संदेश देना होता है कि पुलिस संदिग्धों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. कैप्शन में पुलिस की “निर्णायक कार्रवाई” को रेखांकित किया जाता है.

9 फरवरी को एक सोशल मीडिया पोस्ट में हरियाणा के मंत्री कृष्ण बेदी ने इस प्रथा के बारे में खुलकर बात की.

फेसबुक पोस्ट में एक खबर की कटिंग थी, जिसमें लिखा था: “कोई गुंडा मेरी बहन, बेटी, मेरे व्यापारी भाई, मेरे मजदूर व कमजोर वर्ग की तरफ आंख उठाकर देखेगा, तो उसकी पिंडी में आर-पार सुराख होगा.” यह बात जींद जिले से विधायक मंत्री ने कही थी.

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