बरही में तालाब, नाला व चेकडैम निर्माण का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, विधायक मनोज यादव ने सरकार से मांगा जवाब

हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई की संभावना पर सरकार का आंशिक स्वीकारात्मक उत्तर, तकनीकी सर्वे के बाद प्रशासनिक स्वीकृति पर होगा विचार

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बरही, हजारीबाग, झारखंड:- बरही प्रखंड की सिंचाई व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर विधायक मनोज कुमार यादव ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने क्षेत्र के तालाबों के गहरीकरण, नालों के जीर्णोद्धार तथा चेकडैम निर्माण की आवश्यकता को सदन में प्रमुखता से उठाया। विधायक ने सरकार से पूछा कि क्या बरही प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत विजैया के बसरिया गढ़हा तालाब का गहरीकरण, कोल्हुआकला पंचायत के ग्राम बधियाजबाड़ स्थित पैनिया नाला का जीर्णोद्धार, ग्राम कोल्हुआकला के कनदुआ टांड तालाब का गहरीकरण तथा विजैया पंचायत के ग्राम गुडियो के छगरगोड़वा नाला पर चेकडैम निर्माण सिंचाई की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है? इस प्रश्न के उत्तर में सरकार की ओर से आंशिक स्वीकारात्मक जवाब दिया गया।
 
विधायक मनोज यादव ने अपने प्रश्न के दूसरे खंड में यह भी जानना चाहा कि यदि इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जाता है, तो क्या इससे क्षेत्र के किसानों की हजारों एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी? इस पर भी सरकार की ओर से आंशिक रूप से सहमति जताई गई। तीसरे खंड में विधायक ने स्पष्ट किया कि जब आवश्यकता स्वीकार की जा रही है, तो क्या सरकार इन योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाएगी? यदि हां, तो समयसीमा क्या होगी और यदि नहीं, तो कारण क्या हैं? सरकार की ओर से दिए गए विस्तृत उत्तर में बताया गया कि बसरिया गढ़हा तालाब एवं कनदुआ टांड तालाब के पुनर्स्थापन तथा गुडियो गांव स्थित छगरगोड़वा नाला पर चेकडैम निर्माण के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाएगा।
 
तकनीकी संभाव्यता पाए जाने पर प्राक्कलन तैयार किया जाएगा और लाभ-लागत अनुपात तथा बजटीय प्रावधान को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षों में प्रशासनिक स्वीकृति पर विचार किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नाला के गहरीकरण अथवा जीर्णोद्धार का कार्य जल संसाधन विभाग के दायरे में नहीं आता है। विधानसभा में इस मुद्दे के उठने से बरही प्रखंड के किसानों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित सिंचाई योजनाओं को लेकर अब सकारात्मक पहल हो सकती है। यदि प्रस्तावित कार्यों को स्वीकृति मिलती है, तो क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और हजारों एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त हो सकेगा। 

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