Haryana: हरियाणा में धान घोटाले में बड़ा एक्शन, CIA ने 4 आरोपी किए गिरफ्तार

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Haryana News: हरियाणा के करनाल जिले की अनाज मंडियों में सामने आए करीब 7 करोड़ रुपए के धान घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। CIA-3 की टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक डीएफएससी अधिकारी को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लिया गया है।

सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा या न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा, इस पर फैसला होगा।

ये अधिकारी हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों में करनाल मंडी की सचिव आशा रानी, जुंडला मंडी के सचिव दीपक कुमार, असंध मंडी के सचिव कृष्ण धनखड़ शामिल हैं। इसके अलावा पहले से गिरफ्तार डीएफएससी अनिल कुमार को भी प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लिया गया है।

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बताया जा रहा है कि आशा रानी को पहले हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन अब दोबारा गिरफ्तारी हुई है।

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पहले भी 5 अधिकारी जा चुके हैं जेल

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धान खरीद और भंडारण से जुड़े इस घोटाले में पुलिस पहले ही 5 अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें फूड सप्लाई विभाग और हैफेड के अधिकारी शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं।

इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था, जो 9 जनवरी 2026 से जांच कर रही थी।

फर्जी खरीद और स्टॉक दिखाकर गबन

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सरकारी रिकॉर्ड में धान की खरीद और स्टॉक पूरा दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में कई राइस मिलों और वेयरहाउस में धान मौजूद नहीं था।

कागजों में फर्जी बिल, खरीद रजिस्टर और स्टॉक एंट्री तैयार कर सब कुछ सही दर्शाया गया। इसी फर्जीवाड़े के जरिए करीब 7 करोड़ रुपए का गबन किया गया।

राइस मिलों में भी दिखाया गया फर्जी स्टॉक

एसआईटी जांच में यह भी सामने आया कि कई राइस मिलों में कागजों में धान का स्टॉक दर्ज था, लेकिन मौके पर अनाज नहीं मिला। अधिकारियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड में हेरफेर कर लंबे समय तक गबन को छुपाया गया।

पद का दुरुपयोग कर रची गई साजिश

पुलिस के अनुसार, संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रखा। खरीद, भंडारण और वितरण की प्रक्रिया को कागजों में सही दिखाया गया, जबकि जमीनी हकीकत अलग थी।

दस्तावेजी साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

आशा रानी पर पहले भी दर्ज हुआ था मामला

मंडी में फर्जी गेट पास के जरिए धान खरीद दिखाने के आरोप में आशा रानी के खिलाफ सिटी थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान उन्हें सस्पेंड भी किया गया था। हालांकि हाईकोर्ट से उन्हें गिरफ्तारी पर रोक मिली थी।

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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l 

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