नगर भवन बरही में मोटिवेशनल सह कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम हुआ आयोजित

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बरही, हजारीबाग, झारखंड:- नगर भवन बरही में श्रीदस इंटरनेशनल स्कूल के तत्वाधान में छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को मार्गदर्शन देने हेतु एक भव्य मोटिवेशनल सह कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “ड्रीम बिग—सीबीएसई टुडे, आईएएस–आईपीएस टुमॉरो” रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में गुरुकुल के निदेशक जेपी जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक राकेश कुमार ने की। संचालन का दायित्व अमरजीत पांडेय ने निभाया।
 
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि को बुके, शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। अपने प्रेरक संबोधन में जेपी जैन ने कहा कि शिक्षा समाज निर्माण की आधारशिला है और शिक्षक उसी प्रकार विद्यार्थियों के भविष्य को संवारते हैं जैसे मूर्तिकार मूर्ति गढ़ता है। उन्होंने छात्रों को परीक्षा की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए और कहा कि दसवीं के बाद संकाय चयन रुचि और लक्ष्य के आधार पर होना चाहिए। साथ ही आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों—सरकारी सेवा, एकाउंटिंग, सीए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डॉक्टर, इंजीनियर आदि—की जानकारी भी दी।
 
उन्होंने कहा कि हर छात्र को सोशल इंजीनियर बनने का संकल्प लेना चाहिए ताकि समाज और देश की सेवा की जा सके। यूपीएससी, जेपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के साथ वैकल्पिक योजना रखना भी जरूरी है। जैन ने एनसीईआरटी की पुस्तकों के गहन अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन और मोबाइल के सीमित उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और समर्पण से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
 
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अपने करियर संबंधी प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर मुख्य अतिथि ने सरल और प्रेरणादायी शब्दों में दिया। यह सत्र छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।विद्यालय के प्राचार्य कैलाश कुमार ने कहा कि अक्सर विद्यार्थी दसवीं के बाद बोर्ड बदल लेते हैं, जबकि सीबीएसई बोर्ड विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर और व्यावहारिक है।
 
उन्होंने कहा कि एक ही विद्यालय में पढ़ाई जारी रखने से शिक्षक और छात्र के बीच बेहतर सामंजस्य बनता है, जिससे सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण मिलता है और विद्यार्थी बिना दबाव आगे बढ़ पाते हैं।विद्यालय के प्रबंधक राकेश कुमार ने कहा कि श्रीदस इंटरनेशनल स्कूल बच्चों को सिर्फ किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि उनके सपनों को साकार करने का मंच भी प्रदान कर रहा है। उनका लक्ष्य है कि हर छात्र आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़े और समाज व देश का नाम रोशन करे। 
 

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