सी0डी0ओ0 के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं रुक पाया गौर में मनरेगा भ्रष्टाचार

सरकार को लाखों की चपत लगाने की फिराक में बीडीओ केके सिंह, विकास खण्ड गौर में मनरेगा योजना के अन्तर्गत बिना कार्य कराए भुगतान से जुड़ा मामलाबीडीओ केके सिंह प्रधान–सचिव की मिलीभगत ग्राम पंचायत गोनहा मनरेगा में फर्जी हाजिरी का खेल 

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बस्ती। बस्ती जिले  में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि मुख्य विकास अधिकारी जैसे तेज तर्रार अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद भी भ्रष्टाचार नहीं रुक पा रहा है और बीडीओ गौर ग्राम प्रधान व सचिव से मिलीभगत करके लाखों हड़पने का जुगाड़ अन्तिम दौर में पहुँचा दिया है प्राप्त समाचार के अनुसार - विकासखंड गौर के ग्राम पंचायत गोनहा में मनरेगा योजना के तहत दो साइडो पर काम चल रहा है जहाँ 4 मस्टरोल जारी किए गए हैं, जिनमें 39 मजदूरों के नाम रजिस्टर में दर्ज हो रहा है ।
 
राममिलन के चक से गुलार के पेड टेक चकबंद निरमान कारी 19 मावीर पिरावा से झिंकन के चक तक चकबंद निर्मलन कारी 20 मजदूर लेकिन जब मीडिया टीम ने मौके पर जाकर जांच की, तो वहां एक भी मजदूर काम करते नहीं मिले। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मीडिया को दी, जिसके बाद मीडिया टीम ने मौके पर जाकर जमीनी हकीकता पता किया तो पता चला कि मजदूरों की फर्जी हाजिरी लग रही थी जब कि  साइडों पर काम नहीं हो रहा है।
 
जिम्मेदार अधिकारियों ने कागजों में फर्जी हाजिरी दिखाकर मजदूरों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान करने की तैयारी कर ली है। यद्यपि पूरा मामला मीडिया के माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी के संज्ञान में है व प्रकरण में सीडीओ का सीधा दखल भी चल रहा है परन्तु खण्ड विकास अधिकारी की प्रधान व सचिव से संलिप्तता के चलते मनरेगा भ्रष्टाचार नहीं रुक पा रहा है। देखना यह है कि मामले में सीडीओं की दखल के चलते भ्रष्टाचार रुक पाता है या फिर यूँ ही बिना काम भुगतान का सिलसिला जारी रहेगा।

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