पाकुड़िया प्रखण्ड में बड़े पैमाने पर शौचालयों के निम्न स्तरीय निर्माण से महिलाओं में देखी जा रही गहरी नाराज़गी।

शौचालयों के घटिया निर्माण से पाकुड़िया प्रखण्ड में महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रश्न चिन्ह

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पाकुड़िया/पाकुड़/झारखण्ड:- केन्द्र सरकार की स्वच्छता अभियान के आलोक में खुले स्थलों पर शौच न करने के लिए सम्पूर्ण देश में विशेष रूप से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान के तहत शौचालयों के निर्माण में बड़े पैमाने पर राशि खर्च कर खुले में शौच न करने की पहल की गई है। उक्त अभियान स्वच्छ भारत की दिशा में बड़ी कोशिश के रूप में देखी गई। खुले में शौच से गंदगी के कारण कई प्रकार की बीमारियां होती रही हैं।
 
पाकुड़िया प्रखण्ड के विभिन्न सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण किया गया है लेकिन घटिया निर्माण से महिलाएं शौचालयों का उपयोग नहीं कर पा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में निर्मित शौचालय के उपयोग नहीं करने के संदर्भ में पूछने पर महिलाओं ने स्पष्ट तौर पर बताया है कि दीवार और छत काफी घटिया बनी है, वहीं किवाड़ ठीक नहीं और पानी का साधन नहीं है।
 
बहरहाल शौचालयों का निर्माण गुणवत्ता पूर्ण हो ताकि स्वच्छता अभियान का लक्ष्य पूर्ण हो सके क्योंकि शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य स्वच्छता के साथ महिला सशक्तिकरण व प्रतिष्ठा से भी जुड़ा है।

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