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मानवता की अनूठी मिसाल ओबरा में श्री राम सेवा समिति का खिचड़ी अभियान सातवें महीने में प्रवेश
प्रेरक संदेश खुद बदलें, समाज बदलेगा
राजेश तिवारी ( क्रा. ब्यूरो) के साथ छायाकार कु. रीता की रिपोर्ट
ओबरा/ सोनभद्र -
जनपद के ओबरा नगर में सेवा और समर्पण की एक ऐसी धारा बह रही है, जिसने समाज के सामने नर सेवा ही नारायण सेवा के मंत्र को जीवंत कर दिया है। श्री राम सेवा समिति द्वारा शुरू किया गया निस्वार्थ खिचड़ी वितरण अभियान आज अपने सफर के सातवें महीने में सफलतापूर्वक प्रवेश कर चुका है। 23 अगस्त 2025 (भाद्रपद शनि अमावस्या) के पावन संयोग से शुरू हुआ यह सेवा प्रकल्प आज 28 फरवरी 2026 को भी उसी ऊर्जा और अटूट निष्ठा के साथ निरंतर जारी है। इस अभियान की नींव पिछले वर्ष शनि अमावस्या के परिघ योग में रखी गई थी।

प्रातः काल के विशेष शुभ मुहूर्त (4:34 से 5:22 बजे) में पूजन और स्नान-दान की परंपरा के साथ शुरू हुई यह यात्रा अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। समिति के संस्थापक और वरिष्ठ पत्रकार अजीत सिंह के नेतृत्व में यह अभियान समाज को नई दिशा दे रहा है।अभियान की सफलता पर प्रकाश डालते हुए अजीत सिंह ने समाज को जागृत करने वाला मूल मंत्र साझा किया आइए मिलकर परिवर्तन लाएं।

भविष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए पहले खुद को बदलें; जब हम बदलेंगे तो समाज बदलेगा, और जब समाज बदलेगा तो देश स्वतः ही प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा। खिचड़ी वितरण के दौरान ओबरा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और अभिभावक तुल्य उमाशंकर सिंह (चाचा जी) ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने समिति के इस भगीरथ प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी निरंतरता और निस्वार्थ निष्ठा आज के युग में विरले ही देखने को मिलती है।

उन्होंने पूरी टीम को इस पुनीत कार्य को आजीवन जारी रखने का शुभाशीष दिया। इस अभियान को गति देने में एक समर्पित टीम दिन-रात जुटी हुई है। ओमप्रकाश सिंह, रीता कुमारी, सरिता सिंह, करण चोगले और उमाशंकर केसरी जैसे सदस्यों ने अपनी त्याग और सेवा भावना से समाज में एक अमिट छाप छोड़ी है। आज 28 फरवरी (शनिवार) के वितरण में अविनाश श्रीवास्तव (समाजसेवी), अनिल सिंह, आदित्य वर्मा, बाबूराम सिंह, मुकेश प्रसाद और अनिल गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। इन सभी सहयोगियों के योगदान से ही यह वितरण निरंतर सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।
समिति द्वारा परोसी जाने वाली खिचड़ी अपनी शुद्धता और पौष्टिकता के लिए पूरे क्षेत्र में विख्यात है। पत्रकार अजीत सिंह स्वयं अपनी देखरेख में अत्यंत साफ-सफाई के साथ इसे तैयार करवाते हैं।खिचड़ी की पौष्टिक संरचना हरी सब्जियाँ: गाजर, कोहरा, पालक, चुकंदर, लौकी, आलू, टमाटर, पत्ता गोभी, फूल गोभी, मटर और शिमला मिर्च।प्रोटीन स्रोत: चना, राजमा, सोयाबीन, मूंगफली (मोम बादाम) और खीरा। स्वाद का तड़का: अदरक, मिर्च, हरा धनिया और शुद्ध मसालों का उचित मिश्रण। श्री राम सेवा समिति का यह प्रयास अब मात्र एक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि ओबरा की नई पहचान बन चुका है। निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में जुटी यह टीम यह सिद्ध कर रही है कि यदि संकल्प दृढ़ हो और भावना नेक हो, तो संसाधनों की कभी कमी नहीं आती। ओबरा की जनता इस पहल से जुड़कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है।

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